देर रात भूकंप से हिली रतलाम की धरती, तहसीलदार ने मुआयना किया

रतलाम

मध्य प्रदेश के रतलाम में शनिवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए है। जिससे बाद लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल गए। भूकंप के झटके से एक घर की छत पर बनी दीवार भी गिर गई। वहीं सूचना मिलते ही तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।

एंकर/रतलाम जिले के जावरा ब्लॉक की पिपलोदा तहसील मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मचून में शनिवार रात करीब 8.15 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। ग्रामवासी शंकरलाल सोलंकी ने बताया कि धड़ाम की आवाज आई और उनका घर हल्का-हल्का हिलने लगा। थोड़ी देर बाद छत पर बनी एक दीवार भी गिर गई।

वहीं शंभु सोलंकी ने बताया कि उनके घर के बर्तन इस तरह हिल रहे थे, जैसे कोई जानबूझकर हिला रहा हो जिससे वे घबरा गए। तहसीलदार देवेंद्र दानगढ़ ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वे देर रात मचून पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। उन्होंने निर्माणाधीन दीवार गिरने की जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति