हवाई सफर हुआ और आसान: विन्ध्य क्षेत्र को मिली एटीआर 72 उड़ान की सौगात

भोपाल 
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब कहते थे कि वह दिन भी अब दूर नहीं जब हमारे देश के 'हवाई चप्पल वाले लोग भी हवाई जहाज में उड़ान भरेंगे' तब विरोधी इसे महज जुमला कहकर बात हवा में उड़ा देते थे। ऐसे लोगों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि सपना किस तरह यथार्थ के धरातल पर उतरकर चरितार्थ होता है। आज का दिन कई पीढ़ियों की परिकल्पना और सपने को यथार्थ में परिवर्तित होने का दिन है जब एटीआर 72 वायुयान दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। उड्डयन विभाग के हमारे केन्द्रीय मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री, विन्ध्य के सांसद, विधायक गण व नागरिक विन्ध्य के विकास के इस मंगलाचरण के साक्षी होंगे। हम यहीं रुकने वाले नहीं है शीघ्र ही इंदौर से वायुमार्ग से जुड़ने वाले हैं। अगले चरण में मुंबई, पुने, बेंगलुरु जैसे शहरों से सभी इसी एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। हमसे मीडिया के लोग पूछते हैं कि इसके आगे और क्या? मेरा जवाब है एयरबस, सिर्फ 500 मीटर का रनवे और बढ़ा देंगे।

प्रधानमंत्री जी ने रीवा में हवाई सेवा के विस्तार के लिए जिस तरह से अपनी रुचि प्रदर्शित की है उसके लिए हम विन्ध्यवासी उनके प्रति चिर ऋणी रहेंगे। 9 सितंबर 2024 को डीजीसीए ने रीवा एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान के लिए लायसेंस जारी किया था। 20 अक्टूबर 2024 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने रीवा एयर पोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया इसके साथ ही रीव- दिल्ली और रीवा -इंदौर के लिए हवाई उड़ान का पथ प्रशस्त हुआ। इस के लिये इंडिगो और एलायंस एयर को प्रस्ताव भेजा गया। आज का दिन इसी प्रयत्न का प्रतिफल है। हमारे तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान रीवा में 15 फरवरी 2023 को हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही रीवा भविष्य में उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा की यात्रा पर चल पड़ा।

दो वर्ष पूर्व इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में विश्वभर के उद्यमियों के बीच तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने सगर्व यह घोषणा की थी कि हम मध्यप्रदेश का छठवे हवाईअड्डे को निर्मित और विकसित करने जा रहे हैं। उनकी इस घोषणा ने दुनियाभर के उन उद्योगपतियों के ध्यान को आकृष्ट किया जो यहाँ पावर व माइनिंग सेक्टर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग इन्डस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए यह अवसरों का दरवाजा खोलने वाला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि रीवा का हवाईअड्डा चरणबद्ध तरीके से विकसित होने की प्रक्रिया में है। पाँच साल के भीतर ही रीवा का हवाईअड्डा बोइंग की लैंडिंग और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बनकर तैय्यार रहेगा।

देश में श्री मोदी जी और प्रदेश में श्री मोहन यादव जी के कुशल और फलदायी नेतृत्व के अनुभव को देखते हुए मैं यह विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि अगले पाँच वर्षों के भीतर यह सब पूर्णरूपेण यथार्थ के धरातल पर उतर जाएगा। विन्ध्य की आशाओं के केन्द्र रीवा के विकास का श्रेष्ठ व उन्नत दौर है जो स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रारंभ हो रहा है। मैं जब कहता हूँ कि अब रीवा मध्यप्रदेश के ही नहीं देश के समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में कदमताल मिलाकर चल पड़ा है तो इसके पीछे ठोस आधार है। 1956 तक रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी रहा है और तब इसकी हैसियत भोपाल, लखनऊ, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों के समकक्ष थी। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश रीवा से एक प्रदेश की राजधानी का गौरव छीन लिया। 1956 से 2004 तक यह उपेक्षित और अभिशप्त पड़ा रहा। विन्ध्य में आज जो प्राकृतिक संसाधन हैं वो कल भी थे। आम नागरिकों में विकास की ललक और अपेक्षाएं कल भी वैसी ही थीं। केन्द्र में अटलजी और उसके बाद मोदीजी की नेतृत्व की व प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आहत और उपेक्षित विन्ध्यवासियों की पीड़ा और भावनाओं को समझा। आज यह क्षेत्र कई मामलों देश में अग्रगण्य है।

जब मैं कहता हूँ कि रीवा एयरपोर्ट उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट होगा तो मेरी दृष्टि के सामने सिंगरौली का पावर काम्प्लेक्स उभरकर सामने आता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांटस में 20,000 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन होता है। देश का यह सबसे बड़ा पावर काम्प्लेक्स है। रीवा से सिंगरौली तक विश्वस्तरीय सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होकर पूर्णता के करीब है। जो यात्री पाँच घंटे में बनारस पहुँचते थे वे दो घंटे में रीवा एयरपोर्ट के लाउंज में होंगे। विन्ध्य की 29 बड़ी औद्योगिक इकाईयां 225 किमी की परिधि में फैली हैं और प्रायः सभी नेशनल हाइवेज से जुड़ी हैं। अपने रीवा का हाइवेज जंक्शन पहले ही विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों के लिए रीवा एयरपोर्ट कितनी बड़ी सहूलियत बनने जा रहा है यह अब उनसे ही पूछ सकते हैं। विन्ध्य की वाइल्डलाइफ टूरिज्म का विश्व में स्थान है। यहाँ का सफेद बाघ दुनियाभर के चिड़ियाघरों में दहाड़ रहा है। टीवी में दिखने वाला हर दूसरा बाघ या तो बांधवगढ़ का है या कि पन्ना का। पर्यटकों के लिए यह कितना आसान हो जाएगा। रीवा में 750 मेगावाट का सोलर पावर काम्प्लेक्स एशिया के बड़े पावर प्रोडक्शन यूनिट में शामिल है। रीवा में खूबसूरत जल प्रपातों की श्रृंखला है। भगवान राम का तपोवन चित्रकूट और माँ शारदा के धाम मैहर कौन नहीं आना चाहेगा।

बाणसागर का वृस्तित जल प्रक्षेत्र और उसके द्वीप विकसित होने पर हनुवंतिया के आकर्षण से आगे का प्राकृतिक सौंदर्य प्रस्तुत करेंगे। अपना विन्ध्य पावर हब की तरह सीमेंट का भी प्रोडक्शन काम्प्लेक्स है। 

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