डिण्डोरी में विशाल स्वास्थ्य शिविर: 7,000 से अधिक जनजातीय लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

डिण्डोरी जिले में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 7170 जनजातीय लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार डिंडोरी जिले में रविवार 9 नवम्बर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर, 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक चल रहे विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत प्रशासन द्वारा वृहद जनकल्याणकारी एवं मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बरगाँव, शहपुरा में किया गया। प्रशासन द्वारा 364 पंचायतों से 20 बस एवं 300 से ज़्यादा वाहनों से निःशुल्क जनजातीय वर्ग के लोगों को शिविर स्थल तक लाया गया। शिविर में 20 पंजीयन काउंटर में 60 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिसमे पंजीयन से लेकर चिकित्सक तक पहुँचाना एवं दवाई वितरण तक हितग्राही का सहयोग किया गया।

शिविर में प्रशासन ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज, सुखसागर मेडिकल कॉलेज, अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज रीवा एवं ज़िला डिंडोरी से शासकीय एवं निजी 236 चिकित्सक एवं 500 से अधिक स्टाफ नर्स की टीम को आमंत्रित किया। विशेष रूप से हृदय रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, अस्थि रोग, दंत रोग तथा एक्स-रे एवं अन्य जांच सेवाओं के विशेषज्ञ चिकित्सक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनके साथ बाल रोग, त्वचा रोग, मानसिक स्वास्थ्य, शल्य चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और आयुष चिकित्सा से संबंधित डॉक्टरों ने भी सक्रिय रूप से सेवाएँ दीं।

शिविर के माध्यम से 7170 जनजातीय भाई-बहनों ने स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जनजाति वर्ग के 1734 हितग्राही की  सिकल सेल एनीमिया की जाँच, 986 की एक्स-रे, 1230 के नेत्र परीक्षण उपरांत 738 चश्मे वितरण, रक्त जांच, दंत परीक्षण एवं 2195 हितग्राहियों की आयुष जाँच जैसी अनेक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।

शिविर परिसर में विभिन्न विभागों के सेवा एवं सूचना शिविर भी लगाए गए — जिनमें महिला एवं बाल विकास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जनपद पंचायत, राजस्व, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित कई विभागों ने सहभागिता की। नागरिकों के लिए आधार अद्यतन, ई-केवाईसी, यूडीआईडी प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी कार्य, पात्रता जाँच तथा विभिन्न योजनाओं के आवेदन जैसी सुविधाएँ भी एक ही स्थान पर प्रदान की गईं।

शिविर में दिव्यांगजन न्यायालय का आयोजन भी किया गया, जिसमें पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही 482 दिव्यांगजनो को 201 दिव्यांग प्रमाण पत्र और 1856 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इसके लिए प्रशासन ने पिछले 15 दिवस से जनपद स्तर पर आयोजित दिव्यांग शिविर के माध्यम से दिव्यांगनों को चिह्नांकित किया एवं प्रमाण पत्र एवं किट उपकरण आदि भी वितरण किए। दिव्यांग कोर्ट के माध्यम से दिव्यांगजनो के क्लेम का निराकरण किया गया।

जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह पूरा अभियान 15 नवम्बर, भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस के समापन समारोह के साथ संपन्न होगा।” इस अवसर पर शहपुरा के विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे

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