विशेष आर्टिकल- उत्तर प्रदेश की कृषि और ग्रामीण विकास क्रांति: UP-AGREES प्रोजेक्ट से नई संभावनाएँ

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 जनवरी 2025 को विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा की उपस्थिति में लॉन्च किया। यह 6 वर्षीय (2025-2031) प्रोजेक्ट ₹4,000 करोड़ के बजट से संचालित है, जिसमें विश्व बैंक से ₹2,737 करोड़ ऋण (35 वर्ष चुकौती, 7 वर्ष मोरेटोरियम, 1.23% ब्याज) और राज्य सरकार से ₹1,166 करोड़ का योगदान है। प्रोजेक्ट पूर्वांचल के 21 जिलों (जैसे वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (जैसे झांसी, बांदा, चित्रकूट) में लागू होगा, जो जलवायु परिवर्तन से सबसे प्रभावित 28 जिलों को कवर करता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादकता 30-35% सुधारना (10 क्विंटल से 14-15 क्विंटल/एकड़), डिजिटल तकनीक अपनाना और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। 10 लाख किसान (30% महिलाएं), मछली पालक और कृषि-आधारित MSME सीधे लाभान्वित होंगे। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 विजन को साकार करेगा, जहां UP 23% राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन करता है।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य: कृषि से आत्मनिर्भरता तक

UP-AGREES कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत, वित्तीय पहुंच सुधार और मूल्य वर्धन अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। प्रमुख लक्ष्य:
•    उत्पादकता वृद्धि: जलवायु-स्मार्ट कृषि (CSA) से फसल उत्पादन 30-35% बढ़ाना।
•    डिजिटल क्रांति: UP AGRIVERSE – AI, IoT, GIS, ड्रोन, बिग डेटा से Agriculture 3.0।
•    ग्रामीण उद्यमिता: एग्रो क्लस्टर स्थापित, मछली पालन में क्षमता वृद्धि।
•    समावेशी विकास: महिलाओं, SC/ST/OBC को प्राथमिकता; 10,000 महिला उत्पादक समूह लिंकेज।
•    परिणाम: किसान क्रेडिट कार्ड (eKCC) को समयबद्ध, किफायती बनाना; 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण।
प्रोजेक्ट की संरचना: 4 प्रमुख घटक
प्रोजेक्ट 4 घटकों में विभाजित है, जो राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़े हैं:
घटक    विवरण    प्रभाव (2025-31)
1. कृषि उत्पादकता वृद्धि    जलवायु-स्मार्ट इनपुट (बीज, उर्वरक), मशीनरी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन।    10 लाख किसानों को CSA अपनाने में सहायता; उत्पादन 30%+।
2. एग्रो क्लस्टर स्थापना    प्रतिस्पर्धी वस्तुओं (फल-सब्जी, अनाज) पर क्लस्टर; मछली पालन में ICAR सहयोग।    मछली उत्पादकता दोगुनी; बाजार पहुंच सुधार।
3. डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी मजबूती    UP AGRIVERSE – AI/IoT/GIS से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग; डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल।    डिजिटल कृषि इकोसिस्टम; eKCC से वित्तीय समावेश।
4. प्रोजेक्ट प्रबंधन, ज्ञान और सीख    क्षमता निर्माण, मॉनिटरिंग, 500 किसानों का विदेश प्रशिक्षण।    10,000 महिला समूह लिंक; ज्ञान साझा।
कार्यान्वयन: दो चरणों में – पहला चरण 28 जिलों में (2024-25 से शुरू), दूसरा विस्तार। बजट आवंटन: घटक-वार, ₹2.25 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर।
प्रेरक उदाहरण: प्रोजेक्ट से लाभान्वित किसान
1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड लाभार्थी): 
o    सहायता: CSA इनपुट + ड्रोन मॉनिटरिंग।
o    अब: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "UP-AGREES ने सूखे को अवसर बनाया।"
2.    वाराणसी की महिला SHG (पूर्वांचल): 
o    सहायता: एग्रो क्लस्टर + डिजिटल मार्केटिंग।
o    अब: 41 महिलाएं, ₹1 करोड़ टर्नओवर, सब्जी निर्यात।
3.    गोरखपुर मछली पालक (ICAR सहयोग): 
o    सहायता: जलाशय क्षमता वृद्धि।
o    अब: उत्पादकता दोगुनी, 100+ परिवार लाभान्वित।
योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: प्रोजेक्ट पर दृष्टि
CM योगी ने UP-AGREES को 'कृषि क्रांति का मील का पत्थर' बताया:
•    लॉन्च समारोह (28 जनवरी 2025): 
"UP-AGREES पूर्वांचल-बुंदेलखंड को कृषि हब बनाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार। विश्व बैंक का सहयोग सराहनीय।"
•    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024): 
"प्रोजेक्ट से किसानों की आय दोगुनी, जलवायु चुनौतियां अवसर बनेंगी। डिजिटल AGRIVERSE से Agriculture 3.0!"
•    X पर योगी जी: 
#UPAGREES – "कृषि से आत्मनिर्भर UP – AGREES हर किसान का साथी!"
निष्कर्ष: UP-AGREES – UP कृषि का नया क्षितिज
UP-AGREES ₹4,000 करोड़ से 28 जिलों में डिजिटल-जलवायु स्मार्ट कृषि लाएगा, जहां 10 लाख किसान सशक्त होंगे। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, जुड़ें – नया UP आपका इंतजार कर रहा है!
जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

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