गोरखपुर की एकता यात्रा में बोले सीएम योगी: जिन्ना के विचारों को जन्म से पहले ही खत्म करना होगा

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेताओं मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद अली जौहर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" का विरोध करते हैं, वे भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं।

गोरखपुर में 'एकता यात्रा' और सामूहिक "वंदे मातरम" गायन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज भी, हम उम्मीद करते हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति वफादार रहेगा और इसकी एकता के लिए काम करेगा।"

उन्होंने कहा, "अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन सभी तत्वों की पहचान करें और उनका विरोध करें जो समाज को विभाजित करते हैं, चाहे वह जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर हो। ये विभाजन नए जिन्ना पैदा करने की साजिश का हिस्सा हैं।"

'भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे…'
सीएम योगी ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे, और अगर कोई देश की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो "हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना चाहिए।"
 
मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य के लिए एकजुट होना चाहिए।" मोहम्मद अली जिन्ना 1913 से 14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद, एक साल बाद 1948 में अपनी मृत्यु तक वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने। मोहम्मद अली जौहर अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के सह-संस्थापक थे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति