खेल मंत्रालय का बड़ा फैसला: JLN स्टेडियम का स्थान बनेगा आधुनिक स्पोर्ट्स सिटी

नई दिल्ली

खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी स्थित प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम को ध्वस्त कर वहां स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएगी, जिसमें सभी प्रमुख खेलों के लिए सुविधाएं होंगी और खिलाड़ियों के लिए आवास की सुविधा भी होगी. बता दें कि दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम 102 एकड़ में फैला है. इसको डिस्मेंटल करके स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएगी. उसके लिए कतर और आस्ट्रेलिया की स्पोर्ट्स सिटी का अध्ययन किया जा रहा है.

इस नई स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण के लिए कतर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक खेल मॉडल का आकलन किया जा रहा है. इस परियोजना का मकसद दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक अत्याधुनिक खेल बुनियादी ढांचा तैयार करना है.

सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा वक्त में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जिस जमीन पर बना है, उसे पूरी तरह से विकसित किया जाएगा. नई स्पोर्ट्स सिटी 102 एकड़ में फैली होगी, जो इसे देश की प्रमुख खेल सुविधाओं में से एक बनाएगी. इस प्रोजेक्ट का मकसद खेलों के लिए समर्पित एक एकीकृत और आधुनिक केंद्र स्थापित करना है.

मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, "स्टेडियम को ध्वस्त कर दिया जाएगा. स्टेडियम के अंदर स्थित सभी कार्यालय, जिनमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला शामिल हैं, स्थानांतरित कर दिए जाएंगे." दरअसल, स्पोर्ट्स सिटी मुख्यतः एक बहु-विषयक सुविधा है जिसमें न केवल प्रशिक्षण बल्कि प्रमुख आयोजनों के आयोजन के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा होता है. अहमदाबाद का सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहां क्रिकेट, जलक्रीड़ा, टेनिस और एथलेटिक्स जैसी अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.

अंतरराष्ट्रीय मॉडल पर बनेगी स्पोर्ट्स सिटी 

नई स्पोर्ट्स सिटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए, खेल मंत्रालय की टीमें कतर और ऑस्ट्रेलिया में मौजूद सफल स्पोर्ट्स मॉडल का गहन अध्ययन कर रही हैं. इन अंतर्राष्ट्रीय मॉडल से सीख लेकर डिजाइन और सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा.

 

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