दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल का मिलान: पुलिस को किन बातों पर है शक?

नई दिल्ली 
दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरी राजधानी को हिला कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने जो देखा वो जल्दी भुला पाना मुश्किल है। चंद मिनटों में जो हुआ उसने जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को जांच के बाद शक है कि कार में हुए धमाके की वजह अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल (फ्यूल ऑयल) और डेटोनेटर थे। शुरुआती जांच के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों, जिनमें आई20 कार भी शामिल है, के सबूत उठा लिए गए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

यह जांच उत्तरी जिला पुलिस से स्पेशल सेल को ट्रान्सफर कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'स्पेशल सेल जांच का नेतृत्व करेगा, जरूरत के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाई जाएगी। जांच का प्रमुख बनाए गए अधिकारी, स्पेशल सीपी (विशेष प्रकोष्ठ) अनिल शुक्ला, वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच टीम का नेतृत्व किया था। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उच्च जोखिम वाले मामलों में अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता को दर्शाता है।'

पुलिस ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी और i20 कार चला रहे व्यक्ति के बीच के संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में चलाए गए एक बड़े सुरक्षा अभियान में, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा था कि उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दो डॉक्टरों — पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और काजीगुंड के डॉ. अदील मजीद राथर को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवतुल हिंद (AGH) से जुड़े 'अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल' का हिस्सा थे।"

दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज बरामद की है और यह संदेह है कि विस्फोट के समय कार चालक अकेला था। हालांकि, सोमवार को पुलिस सूत्रों ने कहा कि कार में तीन लोग होने का संदेह है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इलाके के चारों ओर कई सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा, 'NSG, दिल्ली पुलिस और FSL की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे अपराध स्थल की जांच कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, 'कार में (जिसमें विस्फोट हुआ) मानव शरीर के अंग हैं। FSL टीम उन्हें इकट्ठा कर रही है, इसलिए देखते हैं कि यह कैसे मामले से जुड़ता है। हम घटनाओं के सटीक क्रम का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।'"

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति