IPS गौरव राजपूत का बुलंद संकल्प: ड्रग माफिया की कमर तोड़ने तक नहीं रुकेंगे

सतना
जिले में  पुलिस अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक में रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने नशा माफिया के खिलाफ 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि विंध्य क्षेत्र में 'कोरेक्स' (नशीली कफ सिरप) की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि वे ड्रग माफिया की 'कमर तोड़ने' तक नहीं रुकेंगे।

'ऑपरेशन प्रहार 2.0' की समीक्षा
बैठक में आईजी गौरव राजपूत ने जिले भर के सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत की गई कार्रवाइयों का हिसाब लिया। उन्होंने नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया और सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाके में हर तरह के नशे की बिक्री और तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एसपी ने दिया कार्रवाई का ब्यौरा
इस दौरान, सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने आईजी को जिले में की गई अब तक की कार्रवाइयों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत नशे के धंधे में लिप्त कई छोटे-बड़े सप्लायर्स पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने आईजी को आश्वस्त करते हुए जिले से नशे के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया।

कौन हैं गौरव राजपूत
गौरव सिंह राजपूत 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और विदिशा जिले के निवासी हैं। मात्र 41 वर्ष की आयु में वे प्रदेश के दूसरे सबसे कम उम्र के आईजी बने हैं। उन्होंने 24 साल की उम्र में आईपीएस की सेवा में प्रवेश किया था। आईपीएस बनने के बाद, गौरव सिंह राजपूत ने अनूपपुर, मंडला, देवास, मुरैना और कटनी जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य किया है। इन दौरान उन्होंने एक सख्त अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। पुलिस अधीक्षक के पद से पदोन्नति के बाद, वे इंदौर में महिला अपराध के डीआईजी बने। इसके बाद उन्होंने रतलाम में डीआईजी का कार्यभार संभाला और फिर सीआईडी में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्हें गृह विभाग के सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल ही में वे भोपाल में डीआईजी सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें रीवा रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है।

माफियाओं को नही होने देंगे सक्सेसफुल
आईजी गौरव राजपूत ने नशे को लेकर सख्त लहजे में कहा कि हमारा सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि जीरो टॉलरेंस। हम इस पूरे क्षेत्र से कोरेक्स को समाप्त करके ही दम लेंगे। विंध्य की पावन धरा में कोई भी कोरेक्स नही बिकने देंगे। माफियाओं को भी सक्सेसफुल नही होने देंगे। बिल्कुल कमर तोड़कर रख देंगे।

कोलगवां थाने का किया निरीक्षण
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल, प्रेमलाल कुर्वे, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। क्राइम मीटिंग समाप्त होने के बाद, आईजी गौरव राजपूत ने कोलगवां थाने का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां के रिकॉर्ड्स, रजिस्टरों का जायजा लिया और थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

 

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