पहली बार बढ़ी राशि: लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपए जमा, पहले थी 1250 रुपए

 सिवनी
ड़ली बहना योजना के तहत आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिवनी में लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपए की किस्त ट्रांसफर कर दी है। अब तक हितग्राही को 1250 रुपए प्रति माह दिए जाते थे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद 250 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सिवनी के पॉलीटेक्निक मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 30वीं किस्त के रूप में 1857 करोड़ रुपये भेजे। लाड़ली बहनों के खाते में पहली बार 1500 रुपये पहुंचे। 250 रुपये की राशि बढ़ाने का निर्णय सरकार ने कैबिनेट बैठक में लिया था। इसके पहले लाड़ली बहनों को 1250 रुपये मिल रहे थे।

इस दौरान मुख्यमंत्री 560.75 करोड़ रुपये के 114 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा गेट पर कबाड़ से बनी दुनिया की सबसे बड़ी बाघ प्रतिमा का लोकार्पण भी करेंगे।

इसके बाद वे कटनी रवाना होंगे और झिंझरी में आयोजित दद्दाजी के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होंगे। दिल्ली की घटना के बाद पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट में है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है।

अब हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 की जगह 15 सौ रुपए री राशि ही डाली जाएगी। 1 करोड़ 26 लाख 36 हजार महिलाओं के खाते में 1587 करोड़ रुपए एक साथ ट्रांसफर किए जाएंगे।

जानकारी थी कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का नाम 'देवी सुभद्रा योजना' किए जाने का ऐलान भी करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस में हुए भाई दूज कार्यक्रम के दो दिन पहले इसके संकेत दिए थे। अपने संबोधन के दौरान लाड़ली बहना योजना को सुभद्रा योजना कहा था, बाद में उसमें सुधार किया था।

हालांकि महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने योजना का नाम बदलने की जानकारी से इनकार किया।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस है। महिलाओं को गांव और शहर में स्वरोजगार चलाने के लिए अलग-अलग विभागों की योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा।

सरकार अब तक इस योजना में 29 किस्तों में 44 हजार 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है। इस योजना की शुरुआत पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जून 2023 में की गई थी।

सीएम श्रीकृष्ण-सुभद्रा का कई बार कर चुके हैं जिक्र दिवाली के बाद भाईदूज पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है। जिस तरह श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है।

श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना को संबोधन में सुभद्रा योजना कहा था, जिसे बाद में सुधार लिया।

बताया जा रहा है कि इस योजना का नाम लाड़ली बहना की बजाय देवी सुभद्रा योजना करने को लेकर कई महीने तक मंथन किया गया। इसमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने योजना का नाम बदलने की बात नहीं कही है।

 

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