स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ साथ प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 जनपदों का पर्यवेक्षण भी करेंगे संयुक्त निदेशक

आपदा से सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठा रही योगी सरकार

संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र (वाराणसी जोन) की होगी नियुक्ति

स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ साथ प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 जनपदों का पर्यवेक्षण भी करेंगे संयुक्त निदेशक 

आपात स्थिति को तुरंत काबू करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित रेस्क्यू ग्रुप तैयार किया जाएगा, फर्स्ट रिस्पांडर के तौर पर करेगा रेस्क्यू कार्य 

ग्रुप के जरिए दैवीय आपदाओं, अग्निकांड, रासायनिक, जैविक, आपात स्थितियों और अन्य खतरों से निपटने के लिए मिलेगी फौरी मदद 

सरकार ने यूपी अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली 2024 के तहत इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है 

योगी सरकार के निर्णय से वाराणसी जोन के 10 जनपदों की सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम 

अभी तक वाराणसी में चीफ फायर ऑफिसर की देखरेख में चल रही व्यवस्था 

वाराणसी
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी को विकास का मॉडल बनाने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार आपदाओं से जनमानस को सुरक्षित रखने के लिए और बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अग्निशमन विभाग को आधुनिक रूप देने के निर्देश दिए थे। दैवीय आपदाओं, अग्निकांड, रासायनिक, जैविक व ऊंची इमारतों की आपात स्थितियों और अन्य खतरों से निपटने के लिए विशेष इकाइयों का गठन होगा। इसके साथ ही संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र (वाराणसी जोन) की नियुक्ति होगी। 

संयुक्त निदेशक स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ साथ प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 जनपदों का पर्यवेक्षण भी करेंगे। वाराणसी जोन में किसी भी आपात स्थिति को तुरंत काबू करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित रेस्क्यू ग्रुप तैयार किया जाएगा, जो फर्स्ट रिस्पांडर के तौर पर रेस्क्यू कार्य करेगा। सरकार ने यूपी अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली 2024 के तहत इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है, जिससे वाराणसी जोन की सुरक्षा में नया आयाम जुड़ेगा।

विशेष रेस्क्यू ग्रुप: फर्स्ट रिस्पांडर की मजबूत टीम
प्रदेश में विकास केवल अवसंरचना तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के आधुनिक दृष्टिकोण से भी जुड़ा हुआ है। काशी जैसी प्राचीन नगर में,  जहाँ धार्मिक आयोजन और पर्यटक गतिविधियाँ पूरे वर्ष चलती हैं, ऐसे में यह रेस्क्यू ग्रुप शहर को आपात स्थितियों में अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्य अग्निशमन  अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त निदेशक के नियंत्रण में विशेष रेस्क्यू ग्रुप गठित किया जाएगा। रेस्क्यू ग्रुप के सभी सदस्यों को आधुनिक उपकरणों और नवीन तकनीकों के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वाराणसी सहित पूर्वांचल में किसी भी संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यह ग्रुप फर्स्ट रिस्पांडर के तौर पर रेस्क्यू कार्य संभालेगा। 

संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र- वाराणसी, दस जनपदों की करेंगे निगरानी 
संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र- वाराणसी, दस जनपदों की निगरानी करेंगे। वे वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, बलिया, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र का प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण भी करेंगे। आपदा या आकस्मिक स्थितियों में रेस्क्यू दल तुरंत मौके पर पहुँच कर राहत, बचाव और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। 

संयुक्त निदेशक के अधीन होगा संचालन
अग्निशमन प्रक्षेत्र (वाराणसी जोन) के प्रभारी अधिकारी के रूप में संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी कार्य करेंगे, जो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समकक्ष पद पर होंगे। उनके अधीन यह स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप कार्य करेगा। अभी तक यहां मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के नेतृत्व में कार्य हो रहा है। 

स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के सदस्य का पदनाम और संख्या 
अग्निशमन द्वितीय अधिकारी- 01
लीडिंग फायरमैन- 02 
फायर सर्विस चालक- 02
फायरमैन- 16 
कुक-01

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