टेक्नोलॉजी में नई उड़ान: डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव 2.0 में उद्योग प्रतिनिधियों से की सीधी बातचीत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से की वन-टू-वन चर्चा

नए निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक क्लस्टरों की स्थापना पर हुई बातचीत

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0' के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा की। इससे मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं, औद्योगिक क्लस्टरों, तकनीकी केंद्रों और नवाचार आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। वन-टू-वन में आईटी, ड्रोन, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, रक्षा, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश, भूमि आवंटन, नीति प्रोत्साहन और प्रशिक्षण सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के मेजर जनरल गौतम महाजन, ब्रिगेडियर एम.एस. रंधावा, ब्रिगेडियर दीपक पुरी, कर्नल मनोजित सिन्हा, लेफ्टिनेंट कर्नल अरिजीत चंद्र सेन से मुलाक़ात की। इस दौरान राज्य सरकार और भारतीय सेना के मिलिट्री कॉलेज ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के बीच साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता रक्षा एवं नागरिक तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ कर मध्यप्रदेश को तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एएनएसआर ग्लोबल के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक  विक्रम आहूजा से मध्यप्रदेश में नया "जीसीसी हब” स्थापित करने के संबंध में चर्चा की। बैठक में हब के लिए उपयुक्त स्थान, कार्यालय अवसंरचना, पूंजी निवेश, प्रशिक्षण एवं भर्ती प्रोत्साहन, जीसीसी पॉलिसी और इंसेंटिव फ्रेमवर्क के तहत सहयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनंत टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के संस्थापक डॉ. सुब्बाराव पवुलुरी से मुलाक़ात की। इस दौरान डिफेंस क्लस्टर की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, भूमि आवंटन और अवसंरचना विकास पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने वेना इंडिया के निदेशक  गौतम यादव एवं सह-निदेशक  पार्थ सेन गुप्ता से भी वन-टू-वन चर्चा की। प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी द्वारा इंदौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पहले ही स्थापित किया जा चुका है। मध्यप्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी नीति 2025 के तहत प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर जैसे शहरों में भविष्य के विस्तार पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एमरॉल्ड इन्फ्राइस्पैट लिमिटेड के निदेशक  अनिल ज्ञानचंद भंसाली ने मुलाकात कर बिंदौरी (भोपाल) स्थित EMC-2 में पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। एमपी सेमीकंडक्टर नीति-2025 के तहत विद्युत एवं गैर-विद्युत प्रोत्साहनों की मांग, भूमि आवंटन में छूट और राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।

थॉमसन सेमीकंडक्टर्स प्रा. लि. के सीईओ डॉ. निवास अनंत ने बताया कि कंपनी प्रदेश में दो बड़ी परियोजनाओं में निवेश करना चाहती है, जिसमें पैकेजिंग-परीक्षण इकाई, ईवी बस और ट्रक मैन्युफैक्चरिंग इकाई शामिल हैं। भूमि आवंटन, पर्यावरण सहायता, ऊर्जा-जल आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ तथा पीएलआई, फेम, पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं के लाभ पर चर्चा हुई।

बीवीजी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक  हनुमंत राव गायकवाड़ ने प्रदेश में वैश्विक ड्रोन एवं रोबोटिक्स क्लस्टर स्थापित करने की इच्छा जताई, जिसमें प्रशिक्षण, परीक्षण और अनुसंधान सुविधाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश ड्रोन नीति-2025 के अंतर्गत भूमि, बुनियादी ढांचा, पीएलआई लाभ और विनियामक सहयोग पर विचार हुआ। आर.डब्ल्यू.एस. मोराविया इंडिया प्रा. लि. के सेंटर हेड  विशाल डकोलिया ने बताया कि कंपनी ने इंदौर में अपनी जीसीसी सुविधा का निर्माण पूरा कर लिया है और अब उसका विस्तार करना चाहती है।

लाइट एन लाइट ग्रुप के सैयद जावेद अली ने प्रदेश में आधुनिक फिल्म एवं शूटिंग उपकरण विनिर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। फिल्म पर्यटन नीति, जीएसटी एवं स्टाम्प ड्यूटी छूट, बिजली रियायत और सिंगल विंडो प्रणाली जैसे प्रोत्साहनों पर भी चर्चा हुई। सोलुजेनिक्स के डायरेक्टर  चंद्र कोठापु से निवेश प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। सोरिंग एयरोटेक प्रा. लि. के प्रतिनिधि  दैविश जैन और डॉ. मनोज देशपांडे से ड्रोन क्लस्टर भूमि आवंटन, ड्रोन नीति-2025, स्टार्टअप नीति तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों के साथ स्किल डेवलपमेंट सहयोग पर चर्चा की गई। क्लिनीसप्लाइज लिमिटेड की निदेशक सु प्रेरीता बहेती और ऑपरेशनल हेड  अभिषेक वास्तव से भी चर्चा की।

वन-टू-वन चर्चा ने निवेशकों में मध्यप्रदेश के प्रति विश्वास और उत्साह को नई गति दी है। प्रदेश सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ, पारदर्शी प्रक्रियाएँ और मजबूत बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश अब भारत का तकनीकी और औद्योगिकी हब बनकर उभर रहा है।

 

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