धान खरीदी सीज़न का शुभारंभ: मंत्री दयालदास बघेल के निर्देश—समय पर भुगतान और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करें

सूरजपुर

 प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के तहत किसान अब सीधे अपने नजदीकी धान उपार्जन केंद्रों में धान बेच सकेंगे। सूरजपुर जिले में खरीदी का आगाज़ प्रदेश के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने चंदरपुर धान उपार्जन केंद्र में पूजा-अर्चना कर किया। इस दौरान उन्होंने किसानों का स्वागत करते हुए तौल कांटे पर धान की पहली बोरी तौलकर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।

किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री बघेल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि धान बेचने के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी समिति प्रबंधक द्वारा किसान से दुर्व्यवहार किया गया या धान पलटी करने जैसे अवैध कार्य कराने की शिकायत मिली तो संबंधित प्रबंधक पर तत्काल सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री बघेल ने यह भी निर्देश दिया कि धान खरीदी के बाद 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान अवश्य पहुंच जाए।

उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भुलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

जिले में खरीदी का लक्ष्य और व्यवस्था
सूरजपुर जिले में इस वर्ष 425009 मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की 54 समितियों में कुल 63,819 पंजीकृत किसान इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। पहले ही दिन लगभग पाँच किसानों से करीब 250 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है।

प्रदेश में खरीदी व्यवस्था : 15 नवंबर से 31 जनवरी तक अभियान
राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए इस वर्ष भी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक का समय निर्धारित किया है।
किसानों को सप्ताह में पाँच दिन- सोमवार से शुक्रवार धान बेचने की अनुमति होगी।

समर्थन मूल्य और लक्ष्य
    समर्थन मूल्य : 3100 रुपये प्रति क्विंटल
    राज्य स्तरीय लक्ष्य : 160 लाख मीट्रिक टन धान उठाव
    पूरे प्रदेश में उपार्जन केंद्र : 2739

अवैध परिवहन पर निगरानी तेज
राज्य सरकार ने अवैध खरीद–फरोख्त रोकने कड़े कदम उठाए हैं। सीमा क्षेत्रों पर चेक पोस्ट सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि बाहरी राज्यों से धान की अनियमित ढुलाई रोकी जा सके। खरीदी केंद्रों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रेनेज व्यवस्था, तिरपाल और अन्य सुरक्षा साधन लगाए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध बिक्री या परिवहन पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तुंहर टोकन ऐप अनिवार्य, किसानों के लिए राहत
राज्य में पंजीकृत किसानों को इस वर्ष भी तुंहर टोकन ऐप से ही टोकन लेना होगा। किसान घर बैठे ही अपने निर्धारित तारीख के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं। जो किसान ऐप का उपयोग नहीं कर पा रहे, उनके लिए मंडी स्तर पर टोकन जारी करने की सुविधा रखी गई है।

टोकन वितरण नियम
    2 एकड़ तक जमीन वाले किसान : 1 टोकन
    2 से 10 एकड़ तक : 2 टोकन
    10 एकड़ से अधिक : अधिकतम 3 टोकन

ऐप से रोज़ाना सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक टोकन लिए जा सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी किसान को टोकन या पंजीयन में कोई समस्या न आए।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति