सरकारी क्रेडिट कार्ड स्कीम: कितनी मिलेगी खर्च करने की सीमा? पूरी डिटेल पढ़ें

नई दिल्ली 
केंद्र की कई ऐसी स्कीम हैं जिसमें सरकार लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराती है। ऐसी ही स्कीम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) भी है। बीते साल के आम बजट में सरकार ने इस स्कीम के तहत यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने का ऐलान किया था। इसकी लिमिट 30 हजार रुपये तक की तय की गई है। यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से स्ट्रीट वेंडरों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडर खुदरा और थोक लेनदेन करने पर 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को लोन दिया जाता है ताकि वे अपना काम कर सकें। यह योजना 31 मार्च, 2030 तक के लिए है। पहले योजना के तहत पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये दिया जाता था लेकिन बीते अगस्त महीने में सरकार ने इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया। इसी तरह, पहले लोन की दूसरी किस्त 20,000 रुपये होती थी। इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं, तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये पर है।

अगस्त में क्या बदला था?
बीते अगस्त महीने में सरकार ने बताया था कि इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपए है। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ देना है। इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी, आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) पर संयुक्त रूप से रहेगी। इसमें डीएफएस की भूमिका, बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ऋण/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी।

पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्त में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों व अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि बढ़ाया जा रहा है।

 

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