मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा

चरणबद्ध तरीके से करें संभल का विकासः मुख्यमंत्री  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा 

पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का करें पुनरुद्धारः मुख्यमंत्री 

दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड आदि कार्यों पर रखें फोकस

मुख्यमंत्री जी का महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर रहा जोर 

संभल का विकास सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री 

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जनपद संभल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने यहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। फिर शासन व जनपद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि चरणबद्ध तरीके से संभल का विकास करें। संभल का विकास सरकार की प्राथमिकता है।  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का पुनरुद्धार कराएं। दूसरे चरण में म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस रखें। मुख्यमंत्री जी ने संभल में जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी के निर्माण की प्रक्रिया पर जल्द कार्रवाई के लिए भी कहा। मुख्यमंत्री जी ने राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास समेत कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। प्रदेश सरकार इन तीर्थों के जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों को तेज गति से कराने का निर्देश दिया। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों का कार्यालय हो। मुख्यमंत्री जी को बताया गया कि आवासीय व अनावासीय भवन के लिए 93 फीसदी भूमि क्रय कर ली गई है। मुख्यमंत्री जी ने डीपीआर बनाने के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री जी ने जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि 24 कोसीय परिक्रमा के साथ ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के समीप भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण व सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं। 

मुख्यमंत्री जी ने महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदियां जीवनदायिनी है। सरकार नदियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। नमामि गंगे के अंतर्गत प्रोजेक्ट तैयार कराकर पुनरुद्धार कार्य में तेजी लाई जाए। 

मुख्यमंत्री ने जी नगर विकास विभाग की वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील/पोखर/तालाब योजना व पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति के बारे में जाना और निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें। 

मुख्यमंत्री जी ने सीबीजी प्लांट के निर्माण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति