छत्तीसगढ़ में कोल्ड वेव का असर, अंबिकापुर में 10 साल की सबसे तेज ठंड, दुर्ग-बिलासपुर सहित 13 जिलों में यलो अलर्ट

रायपुर 

छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, मौसम विभाग ने 13 जिलों में शीतलहर चलने का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने बताया कि छत्तीसगढ़ में ठंड से कंपकंपी और बढ़ेगी, जबकि राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट भी देखी जा रही है. उत्तरी छत्तीसगढ़ और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने का मौसम विभाग का अनुमान आज भी लगाया गया है, वहीं ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित सरगुजा संभाग है, जहां के ज्यादातर जिलों में शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं. मौसम विभाग ने बताया कि राज्य में नवंबर के महीने में ही ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है, अंबिकापुर 10 सालों बाद राज्य में सबसे ठंडा बना हुआ है. छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में अब ठंड और तेज होगी.

सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के एक-दो पॉकेट में भी शीतलहर चल सकती है। इसके अलावा कोरिया, राजनांदगांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित कुल 13 जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर यानी कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के असर से प्रदेश में कड़ाके की ठंड महसूस हो रही है। बलौदाबाजार, पेंड्रा और अंबिकापुर में लोग सुबह और शाम अलाव का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त अलाव न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मैदानी क्षेत्रों में दुर्ग इस समय सबसे ठंडा बना हुआ है, जहां रात का तापमान 10.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम है। रायपुर में भी नवंबर महीने में नौ साल में दूसरी बार रात का तापमान 13°C तक गिरा।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 29.8°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.5°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। नवंबर में पिछले 10 सालों में यह पहली बार है जब अंबिकापुर का तापमान इतना कम हुआ है।

साल 2024 में अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.3°C दर्ज किया गया था, जबकि इस माह का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.2°C साल 1970 में रिकॉर्ड किया गया था।

13 जिलों में शीत लहर की आधिकारिक चेतावनी

न्यूनतम तापमान

राज्य शासन और मौसम विभाग ने दिनांक 17 से 18 नवंबर 2025 तक 13 जिलों – गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में अलग-अलग पॉकेट्स पर शीत लहर की स्थिति रहने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान बुजुर्गों, बच्चों और हृदय तथा अस्थमा मरीजों (Sensitive Health Group Risk) को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

सरगुजा में सबसे ज्यादा ठंड, दुर्ग सबसे गर्म

राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क (Dry Weather Condition) रहा और कहीं भी वर्षा (Rainfall Data) दर्ज नहीं की गई।

    सबसे कम तापमान: 6.5°C – अंबिकापुर (Ambikapur Lowest Temperature)
    सबसे अधिक तापमान: 29.8°C – दुर्ग (Durg Highest Temperature)

सरगुजा संभाग में तेज शीत लहर, जबकि बिलासपुर व दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम शीत लहर रिकॉर्ड की गई।

नवंबर महीने का ठंड का रिकॉर्ड

नवंबर महीना छत्तीसगढ़ में आमतौर पर ठंड की शुरुआत का समय होता है, लेकिन मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि कभी यह महीना कड़कड़ाती ठंड लेकर आया तो कभी तेज गर्मी और बारिश का गवाह भी रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र के पुराने आंकड़ों के अनुसार 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया था। वहीं, 22 नवंबर 1883 को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C दर्ज हुआ था जो अब तक नवंबर महीने की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।

बारिश के रिकॉर्ड भी बने

नवंबर में सबसे ज्यादा बारिश 1924 में हुई थी, जब पूरे महीने में 138.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इतना ही नहीं, 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे के भीतर 70.4 मिमी बारिश हुई थी जो इस महीने के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय वर्षा रिकॉर्ड है।

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