अभेद्य हुई अयोध्या: हाई-लेवल सिक्योरिटी चेक में सेना ने परखी हर परत

अयोध्या 
पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई-अलर्ट पर हैं। अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह से पहले अयोध्या पूरी तरह अभेद्य हो चुकी है। आज भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक आसमान पर मंडराता रहा। इस दौरान हेलिकॉप्टर ने राम जन्मभूमि परिसर तथा आसपास के इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस एयर-सर्विलांस को सुरक्षा इंतजामों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई चूक न हो।

ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनजर अयोध्या की सुरक्षा हुई अभेद्य
रविवार दोपहर सेना का हेलिकॉप्टर करीब 20 मिनट तक अयोध्या के आसमान में उड़ता रहा और राम जन्मभूमि परिसर व आसपास के क्षेत्रों की निगरानी करता रहा। रामलला मंदिर क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। राम जन्मभूमि चौक और हनुमानगढ़ी मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सुबह से लेकर रात तक सुरक्षा बलों की कई चरणों में चेकिंग चल रही है। 

मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं की व्यवस्था और VVIP मूवमेंट के लिए स्पेशल रूट तैयार किए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें भी अलर्ट मोड में तैनात हैं। साइबर टीम सोशल मीडिया पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि किसी 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के मद्देनज़र सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं दी जा सकती। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति