IMD की चेतावनी: तूफान सेन्यार से अगले दो दिन मूसलाधार बारिश की संभावना

 नई दिल्ली

मानसून के शानदार सीज़न के बाद अब मौसम ने फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बनने वाले चक्रवाती तूफान सेन्यार की सक्रियता से देश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसके मद्देनजर अगले 48 घंटे के लिए कई राज्यों में चेतावनी जारी की है।

मूसलाधार बारिश के लिए अलर्ट
IMD ने बताया कि तूफान सेन्यार के प्रभाव से केरल, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, गरजने और 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी का भी खतरा है।

साइक्लोनिक गतिविधियों का असर अंडमान-निकोबार, यनम, रायलसीमा, लक्षद्वीप और माहे पर भी देखने को मिलेगा। इन इलाकों में अगले 48 घंटों में बादलों की झमाझम बरसात होने के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है।

राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर
मानसून के जाने के बाद राजस्थान और दिल्ली में मौसम ठंडा हो गया है। हालांकि, दिन के समय धूप के बीच तापमान में गिरावट का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में राजस्थान और दिल्ली के कई हिस्सों में तापमान 2-3 डिग्री तक नीचे गिर सकता है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा।

सावधानियों की जरूरत
IMD ने जनता से आग्रह किया है कि मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें। सड़क पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और नदी-नाले या तटीय इलाकों में अनावश्यक प्रवेश न करें। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय तूफान सेन्यार मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रहा है, और इसके असर से देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और ठंड का असर देखने को मिलेगा।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति