जुबिन गर्ग केस में बड़ा खुलासा: हत्या के एंगल पर 7 सहयोगी अरेस्ट, CM ने सदन में दी जानकारी

दिसपुर 
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि गायक जुबिन गर्ग की सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय हुई मौत ‘स्पष्ट तौर पर हत्या’ का मामला है। गर्ग की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी हैं। शर्मा ने असम विधानसभा में गायक जुबिन गर्ग की मौत के मुद्दे पर चर्चा के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा पर यह बात कही। कार्य स्थगन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के अनुरोध पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया था। 
शर्मा ने कहा- प्रारंभिक जांच के बाद असम पुलिस को यकीन हो गया था कि यह गैर इरादतन हत्या का मामला नहीं है बल्कि यह स्पष्ट तौर पर हत्या है। उन्होंने कहा- इसीलिए, उनकी मौत के तीन दिन के भीतर ही मामले में बीएनएस की धारा 103 जोड़ दी गई।

उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस की सीआईडी ​​के तहत गठित एसआईटी ने अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, 252 गवाहों से पूछताछ की है और 29 वस्तुएं जब्त की हैं। शर्मा ने दावा किया कि एक आरोपी ने गर्ग की हत्या की और अन्य ने उसकी मदद की। हत्या के मामले में चार-पांच लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।

सीएम ने विधानसभा को बताया कि मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से- श्यामकानु महंता, सिद्धार्थ शर्मा (ज़ुबीन के मैनेजर), शेखर ज्योति गोस्वामी (बैंडमेट), अमृतप्रभा महंता (को-सिंगर), ये सभी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा, ज़ुबीन के चचेरे भाई संदीपान गर्ग और उनके दो पीएसओ- नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्य को भी गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा- दिसंबर में हत्या के मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद, जांच का दायरा बढ़ाकर लापरवाही, आपराधिक विश्वासघात और अन्य पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। शर्मा राज्य के गृह मंत्री भी हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईटी एक ठोस आरोपपत्र दाखिल करेगी और अपराध के पीछे का मकसद राज्य के लोगों को झकझोर देगा। जुबिन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय मौत हो गई थी।

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