महासमुंद : जलग्रहण विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने हेतु वाटरशेड महोत्सव का आयोजन

महासमुंद : जलग्रहण विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने हेतु वाटरशेड महोत्सव का आयोजन

महोत्सव अंतर्गत सोशल मीडिया प्रतियोगिता में इच्छुक प्रतिभागी पंजीयन कर सकते हैं

रील विजेता को 50 हजार एवं फोटोग्राफी विजेता को एक हजार रुपए मिलेगा

महासमुंद

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के सहयोग से जलग्रहण विकास कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भूमि संसाधन विभाग द्वारा ’वाटरशेड महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में वाटरशेड महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के साथ ’सोशल मीडिया प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जाएगा।  प्रतियोगिता में  रील विजेता को 50 हजार रुपए एवं फोटोग्राफ विजेता को एक हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रतियोगिता 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जाएगी। कोई भी इच्छुक व्यक्ति जल संचयन संरचनाओं, बागवानी, कृषि वानिकी, तथा डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 एवं 2.0 सहित अन्य वाटरशेड योजनाओं के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं और उनसे समुदाय को होने वाले लाभों को दर्शाते हुए 30 से 60 सेकंड का लघु वीडियो/रील या फोटो तैयार कर सकता है।
प्रतिभागियों को अपनी सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते समय निर्धारित हैशटैग #WDC-PMKSY-Watershed Mahotsav 2025 का उपयोग करना अनिवार्य होगा। पोस्ट करने के बाद प्रतिभागियों को निर्धारित वेबसाइट पोर्टल
https://wdcpmksy.dolr.gov.in/
registerMahotsav पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं नामांकन कर अपनी प्रविष्टि 31 दिसंबर 2025 से पहले जमा करनी होगी। पंजीकरण के दौरान प्रतिभागियों को अपने सोशल मीडिया पोस्ट का लिंक भी अपलोड करना होगा, जिसके बाद उन्हें सफल पंजीकरण का पुष्टिकरण मेल प्राप्त होगा। प्रतियोगिता अवधि समाप्त होने के पश्चात 31 जनवरी 2026, शाम 6 बजे तक प्रतिभागियों को अपने पोस्ट के रिच, व्यू, इंगेजमेंट, लाइक एवं कमेंट का स्क्रीनशॉट पोर्टल पर जमा करना होगा। आईडब्ल्यूएमपी, डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 और 2.0 के तहत विकसित जल संचयन संरचनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी भी विभागीय वेबसाइट
https://wdcpmksy.dolr.gov.in/ 
पर उपलब्ध कराई गई है। प्रतियोगिता का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और समुदाय को इसके प्रति जागरूक करना है। 

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