प्रधानमंत्री आवास योजना को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए हितग्राही को किया जाता है प्रोत्साहित

जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही

 निरीक्षण में पाया आवास निर्माण पूर्ण

रायपुर,

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना ग्रामीण गरीबों को आवास प्रदान करने आवास की समसया को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों को स्थानीय सामग्री और प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों का उपयोग करके गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आवासों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही हितग्राही द्वारा बनाया जाता है, जिसका निरीक्षण में पाया आवास पूर्ण पाया गया।

ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना

             केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इस योजना के तहत निर्माण होने वाले मकानों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही रिपोर्ट किया जाता है।

जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति

          प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण आवासों को लेकर कलेक्टर गरियाबंद श्री उईके के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच समिति ने छह ग्राम पंचायतों में स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सरईपानी में हितग्राही गोर्वधन नागेश, कन्हल राम और गजिन के आवास पूर्ण अवस्था में पाए गए। ग्राम पंचायत उसरीजोर में हितग्राही दुर्गासिंह का आवास निर्माणाधीन मिला, जिसका जियोटैग प्लिंथ स्तर पर किया गया था। निर्माण कार्य जारी होने के कारण वहां गृह प्रवेश नहीं हो पाया है। निमाण कार्य का जियोटैग से नियमानुसार और वास्तविक स्थिति की जानाकरी ली जाती है।

हितग्राही का आवास पूर्ण रूप से निर्मित

        इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासहीन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पक्का घर प्रदान करना है। लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए स्थानीय सामग्री और डिज़ाइन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। गरियागद जिले के ग्राम पंचायत गोढियारी में हितग्राही सुखचंद का आवास पूर्ण मिला। इसी प्रकार ग्राम पंचायत मुडगेलमाल में हितग्राही भंवर का आवास पूर्ण रूप से निर्मित मिला। अमलीपदर पंचायत में हितग्राही धनमती और निरोबाई के आवास भी पूरी तरह पूर्ण पाए गए। कलेक्टर श्री उईके ने स्पष्ट किया कि सभी स्थलों पर किए गए भौतिक निरीक्षण और आवास सॉफ्टवेयर में दर्ज जियोटैग के मिलान से यह सिद्ध हो गया है कि किसी भी अपूर्ण आवास में गृह प्रवेश नहीं कराया गया है। सभी जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही किए गए हैं।

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