अगर चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं? बागेश्वर बाबा की जनसंख्या टिप्पणी पर विवाद

शिवपुरी 
शिवपुरी में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राजनीति नहीं, हिंदू और सनातन एकता है। उन्होंने कहा कि हम इस देश को गजवा-ए-हिंद नहीं बल्कि हमें भगवा हिंद बनाना है। उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए कहा “हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए। चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं?”

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत में पाठयक्रम में गीता‑भागवत‑रामायण को जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के पाठ्यक्रम में ऐसे ग्रंथ शामिल होने चाहिए जो युवाओं को सही दिशा दें। अगर गीता, भागवत और रामायण को जोड़ दिया जाए तो युवा सही दिशा पाएंगे। कई पुस्तकें ऐसी हैं जो केवल अपने मजहब के लोगों को इंसान मानती हैं और बाकी को काफिर कहती हैं। सनातन धर्म ऐसा नहीं है। यह वसुधैव कुटुंबकम् की बात करता है। इसलिए पाठ्यक्रम में ‘जोड़ने वाले’ जोड़ें, ‘तोड़ने वाले’ नहीं।
 
वही दिल्ली ब्लास्ट पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग इस देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं। उन्होंने आत्मघाती हमलों में मारे गए आतंकियों के परिवारों को लेकर कहा कि इस्लाम धर्म मानने वाले अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें। अपने बच्चों को अब्दुल कलाम बनाएं, आतंकवादी नहीं। जो ऐसा नहीं करना चाहते, वे लाहौर जा सकते हैं। दिल्ली धमाके के आरोपी डॉक्टरों पर शास्त्री ने कहा कि यह आतंकी संगठनों की बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश का खाना खाते हैं और तिरंगे में चांद ढूंढते हैं, जबकि हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।

 

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