उज्जैन में मिलेगा आधुनिक सफर का तोहफ़ा: 100 ई-बसें चलाने पर 10 करोड़ खर्च, नया डिपो भी बनेगा

उज्जैन 
धार्मिक पर्यटन नगरी उज्जैन यात्रियों को ई-बस की सुविधा देने की तैयारी है। इसके लिए सुविधायुक्त ई-बस डिपो का निर्माण होगा। जहां एक समय में 100 ई-बस पार्क हो सकेंगी और सर्विसिंग व चार्जिंग की सुविधा भी रहेगी। 10 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए दो कंपनियां ने रुचि दिखाई है। हालांकि तकनीकी कमी के बाद एक ही कंपनी की निविदा शेष है जिसे निर्णय के लिए निविदा समिति को भेजा है।

मक्सीरोड स्थित पुराने सिटी बस डिपो को अब ई-बस डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। निगम ने इसके लिए 10.75 करोड़ की योजना बनाई है। डिपो में पार्किंग के अलावा, वर्कशॉप सेंटर, शेड, वॉशिंग एरिया, प्रशासनिक कार्यालय रहेंगे। कुछ सप्ताह पूर्व निगम ने इसके लिए टेंडर जारी किया था। फिलहाल निविदा को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यदि स्वीकृति मिलती है तो अगले वर्ष ई-डिपो का निर्माण शुरू हो सकता है।

चार्जिंग स्टेशन भी रहेंगे
डिपो में बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन रहेंगे। इसे स्थापित करने के लिए पृथक से 2.86 करोड़ रुपए का टेंडर जारी होगा। बाहरी विद्युतीकरण बुनियादी ढांचे की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण शामिल है।
 
21762 वर्ग मीटर में बनेगा डिपो
मक्सीरोड पर पुराने डिपो की जमीन पर ही करीब 21 हजार 762 वर्गमीटर क्षेत्र में ई-बस डिपो विकसित किया जाएगा। 100 ई-बस जिनमें 7 मीटर लंबी 70 बस व 9 मीटर लंबी 30 बसें एक साथ पार्क हो सकेंगी। बता दें कि पूर्व में इस स्थान पर मप्र रोजडवेज का बस डिपो संचालित होता था जिसे बाद में नगर निगम ने उज्जैन सिटी बस सर्विस लिमिटेड के ऑफिस व सिटी बस डिपो के रूप में उपयोग किया।

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