दान का अंबार: सांवलिया सेठ के भंडार में दो महीनों में आया इतना चढ़ावा कि प्रशासन दंग रह गया

चित्तौड़गढ़

मेवाड़ के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ के मंदिर में पहली बार चढ़ावा राशि का नया रिकॉर्ड बना। दान पात्र से 40 करोड़ और भेंट कक्ष में 10 करोड़ से ज्यादा का चढ़ावा मिला। कुल करीब 51 करोड़ रुपये की चढ़ावा राशि निकली। इसके अलावा करीब 2 क्विंटल चांदी तथा एक किलो सोना भी प्राप्त हुआ। सांवलिया सेठ के भंडार की गणना 6 चरण में गुरुवार को पूर्ण हुई।
 
अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम ने बताया कि गत कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को भगवान श्री सांवलिया सेठ का भंडार खोला गया। इस बार दो माह का भंडार खुला। चतुर्दशी को 2 दिवसीय मासिक मेले के पहले दिन कड़ी सुरक्षा के बीच ठाकुरजी का भंडार खोला गया।

6 चरणों में हुई गणना
श्री सांवरिया सेठ मंदिर का भंडार 19 नवंबर को खोला गया। जिसके दानपात्र से पहले चरण में 12 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि की गणना की गई। दूसरे चरण की गणना में 8 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि की गणना की गई। तीसरे चरण में करीब 7 करोड़ 8 लाख 80 हजार रुपये की गणना की गई। चौथे चरण में 8 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि की गणना की गई। पांचवें चरण की गणना में निकले करीब 4 करोड़ 19 लाख 79 हजार के साथ ही यह आंकड़ा 40 करोड़ के पार हो गया। वहीं छठे और अंतिम चरण की गणना में 41 लाख 1 हजार 543 रुपये की गणना की गई। गणना के बाद भंडार की दान पेटी से कुल प्राप्त राशि 40 करोड़ 74 लाख 40 हजार 593 रुपये निकली है।

ऑनलाइन भी आई चढ़ावा राशि
नकद के साथ-साथ इस बार ऑनलाइन/मनीऑर्डर और भेंट के माध्यम से प्राप्त चढ़ावे में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 10 करोड़ के पार निकालकर 10 करोड़ 52 लाख 89 हजार 569 रुपये प्राप्त हुई है।

चढ़ावा राशि का आंकड़ा अपना गत वर्ष का रिकॉर्ड तोड़कर पहुंचा 51 करोड़ के पार
इस बार खुले भंडार से 6 चरणों में हुई गणना से निकले 40 करोड़ 74 लाख 40 हजार 543 रुपये है। वहीं मनीऑर्डर/ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और भेंट कक्ष से प्राप्त राशि का आंकड़ा  10 करोड़ 52 लाख 89 हजार 569 रुपये है। जो कुल मिलाकर 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपये है। जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

सोना और चांदी भी निकले भंडार से
श्री सांवलिया सेठ जी के भंडार से सोना और चांदी भी हर बार निकलते हैं, जिनका आंकड़ा अबकी बार क्रमश: इस प्रकार है। दानपात्र से निकला सोना 985 ग्राम है और भेंट कक्ष में प्राप्त हुआ सोना 219 ग्राम 400 मिलीग्राम है जिसका कुल वज़न एक किलो 204 ग्राम 400 मिलीग्राम है। दानपात्र से निकली चांदी 86 किलो 200 ग्राम है और भेंट कक्ष में प्राप्त हुई चांदी 121 किलो 593 ग्राम है, जिसका कुल वज़न 207 किलो 793 ग्राम है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति