उत्तर प्रदेश की स्मृतियों को अपने-अपने क्षेत्र में ले जाकर युवा भारत व विश्व बंधुत्व के विजन को बढ़ाने का कार्य करेंगे : मुख्यमंत्री

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली एवं 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का हुआ भव्य समापन

लखनऊ,

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को सीख दी कि अनुशासन जीवन की पहली आधारशिला है। अनुशासित युवा ही अदम्य साहस से राष्ट्र को नित नई बुलंदियों तक पहुंचाने में सहभागी हो सकता है। राजधानी लखनऊ पिछले पांच दिन से भारत की युवा ऊर्जा के अनुशासन, धैर्य व चुनौती को समझने के सामर्थ्य को देख रही है। सीएम ने आह्वान किया कि उत्तर प्रदेश, देश व दुनिया के कोने-कोने से आए युवा जंबूरी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की स्मृतियों को अपने-अपने क्षेत्र में ले जाकर भारत व विश्व बंधुत्व के विजन को बढ़ाने का कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में शुक्रवार को डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15 वृंदावन योजना में हुए भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली एवं 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के समापन समारोह को संबोधित किया।  

प्रयागराज में हुआ था महाकुम्भ तो जंबूरी में भी युवा ऊर्जा का चल रहा महाकुम्भ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवा ऊर्जा के प्रतीक ‘भारत के इन भविष्यों’ के 19वीं जंबूरी का कार्यक्रम इस बार यूपी की राजधानी लखनऊ में हुआ है। उत्तर प्रदेश को 61वर्ष बाद इसे आयोजित करने का अवसर प्राप्त हुआ। जंबूरी ने 2025 के प्रारंभ में आयोजित प्रयागराज महाकुम्भ का स्मरण करा दिया है। प्रयागराज में देश-दुनिया के 66 करोड़ श्रद्धालु आए थे तो जंबूरी में दुनिया के कई देशों व भारत के कोने-कोने से विश्व शांति, एकता व विश्व बंधुत्व के भाव को लेकर युवा आए हैं। दुनिया के अंदर कुछ नया करने के इच्छुक युवा ऊर्जा के प्रतीक इन युवाओं का यहां महाकुम्भ चल रहा है।  

पीएम मोदी के विजन के अनुरूप जंबूरी की थीम
सीएम योगी ने कहा कि जंबूरी की थीम पीएम मोदी के विजन के अनुरूप ‘विकसित भारत-विकसित युवा’ रहा है। पिछले पांच दिन से लगातार हर जुबान पर जंबूरी के कार्यक्रम, अनुशासन, आत्मसंयम, यहां चल रहे विभिन्न प्रकार के एडवेंचर व सकारात्मक गतिविधियों ने नई ऊर्जा का संचार किया है। सीएम ने जंबूरी के आयोजन से जुड़ी टीम का अभिनंदन किया और कहा कि टीम भावना की बदौलत स्काउट्स एंड गाइड्स का इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सीएम योगी ने युवाओं से कहा कि आप सभी ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के इन कार्यक्रमों से जुड़कर पीएम मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को जंबूरी के माध्यम से बढ़ाने का कार्य किया है।

समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, यूपी के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह, राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त केके खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त प्रभात कुमार आदि मौजूद रहे।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति