जबलपुर रियल एस्टेट में उछाल: अब घर-ज़मीन के दाम पहले से ज्यादा चुकाने होंगे

जबलपुर
जबलपुर जिले में जमीन के दाम बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। 2025-26 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल ने जबलपुर समेत सभी जिला पंजीयन कार्यालय को निर्देशित किया है। इसके बाद जबलपुर में जमीनों के दाम बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। जिलेभर में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों का सर्वे किया जाएगा और इस साल हुई रजिस्ट्रियों का आंकलन भी होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन क्षेत्रों की जमीन के दाम नई कलेक्टर गाइडलाइन में बढ़ाए जाएं और कहां नहीं।

भोपाल से मिले निर्देश के बाद सर्वे की तैयारी
भोपाल से मिले निर्देश के बाद जिला पंजीयन कार्यालय ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। जिले की उप जिला मूल्यांकन समितियों को जमीन का सर्वे और रजिस्ट्रियों का आंकलन करने कहा गया है। जबलपुर में तीन उप जिला मूल्यांकन समिति हैं, जिसमें एक जबलपुर, दूसरी सिहोरा और तीसरी पाटन हैं।
 
एसडीएम करेंगे अपने क्षेत्रों का सर्वे
उप जिला मूल्यांकन समिति में अध्यक्ष एसडीएम और सदस्य उप पंजीयक हैं। अब जबलपुर एसडीएम, सिहोरा एसडीएम और पाटन एसडीएम, समिति के पदाधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वे करेंगे। इस दौरान वे जमीनों के मौजूदा दाम, वहां इस साल हुई रजिस्ट्री और उनके दाम और भविष्य में जमीन की संभावना के साथ आसपास आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी एकत्रित करेंगे।

इसके बाद उन रजिस्ट्रियों का आंकलन करेंगी, जिसमें कलेक्टर गाइडलाइन और मौजूदा दाम में बड़ा अंतर है। इसके बाद यह अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखेंगे। इस दौरान संबंधित अधिकारी की सहमति भी ली जाएगी। अंत में सर्वे और जमीनों की जानकारी को भोपाल भेजा जाएगा। वहां से सहमति मिलने के बाद ही दाम तय होंगे।

400 से ज्यादा जमीनों का होगा सर्वे
इस बार जिले में करीब 400 से अधिक लोकेशन पर विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। बीते एक वर्ष में शहर के आउटर इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में कई नए निजी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लांच होने से मार्केट में जमीनों की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं।

सर्वे टीम इन सभी बिंदुओं को प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्रों में बीते समय की रजिस्ट्रियों, औसत बाजार मूल्य और विकास गतिविधियों का विश्लेषण करेगी। इसके आधार पर प्रस्तावित नए रेट तैयार कर विभागीय बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। जमीनों के दाम बढ़ने के अनुमान से अभी से ही रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है।

अवैध कॉलोनियां गिराएंगी जमीन के दाम
इस बार जमीन के दाम बढ़ाने में कई अड़चनें है। सबसे बड़ी अड़चन अवैध कॉलोनियां है। प्रशासन द्वारा अवैध कालोनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के शहरी क्षेत्र में करीब 50 और ग्रामीण क्षेत्र में 150 अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें जिला प्रशासन ने करीब 98 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी है। वहीं तीन कालोनियों पर एफआइआर भी दर्ज की है।

इतना ही नहीं अभी 15 और कॉलोनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना है। इस सभी वजहों से लोग इन क्षेत्रों में जमीन खरीदने से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में यदि दाम बढ़ने हैं तो आम आदमी इन जमीनों को खरीदने में परहेज करेगा।

दिसंबर तक देंगे रिपोर्ट
महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल से पत्र मिल गया है, जिसके बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए सर्वे किया जाना है। तीनों उप जिला मूल्यांकन समिति को पत्र लिखकर जमीनों का सर्वे करने कहा है। दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट भी दे देंगे। – डॉ. पवन अहिरवाल वरिष्ठ पंजीयक, जबलपुर

 

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