संगीत सोम ने मौलाना मदनी के विवादित बयान पर जताया गुस्सा, बोले- ‘सनातनी दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा’

 मेरठ 
यूपी के मेरठ में बीजेपी
के पूर्व विधायक और फायर ब्रांड नेता संगीत सिंह सोम ने मौलाना मदनी द्वारा दिए गए जिहाद वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो बीमार मौलाना हैं. उनकी मानसिकता बीमार है. संगीत सोम ने आरोप लगाते हुए कहा कि मदनी एक ऐसे संस्थान से आते हैं जहां से हमेशा आतंकी निकलते हैं, वह अपनी मानसिकता नहीं बदल सकते. 

सोम ने कहा- 'ये लोग संविधान की बात करते हैं लेकिन पत्नी रखेंगे चार. बात संविधान की करेंगे और संविधान को ही अपने तरीके से मोड़ना चाहते हैं. देश में जब-जब आतंक होता है, उसको सही ठहराते हैं. मैं सलाह देना चाहता हूं कि कहीं ऐसा ना हो कि देश के सनातनी सड़कों पर उतर आएं और तुम जैसे मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारना शुरू कर दें. यहां से पाकिस्तान तक दौड़ाकर ले जाएं और वहीं तुम्हारे घर में घुसा के आएं.'

संगीत सोम ने आगे कहा कि इनकी समझ में अभी आ नहीं रहा है, मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं, होश में आ जाओ. वैसे… इनके बारे में टिप्पणी करना बेकार है. ये किसी तरीके से संविधान को नहीं मानते और ये अपनी इस मानसिकता से बाहर भी नहीं आना चाहते हैं. 

मदनी के 'जिहाद' वाले बयान पर भड़के संगीत सोम

दरअसल, मदनी ने कहा था कि 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा'. इसपर संगीत सोम ने कहा कि ये लोग देश का संविधान अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं और जहां संविधान की बात आती है, वहां शरिया कानून की बात करते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चार बीवी और 21 बच्चे रखने की बात आती है, तब संविधान याद नहीं आता, लेकिन जिहाद को सही ठहराना चाहते हैं.

सोम ने कहा, "पूरी दुनिया में अगर मुस्लिम कहीं सुरक्षित हैं तो वह भारत में हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग "खाते भारत की हैं और गाते पाकिस्तान की हैं." सोम ने सीधे तौर पर कहा कि आतंकी मदरसों से निकलते हैं, खासकर देवबंद से, और देश में मदरसे बंद होने चाहिए.

संगीत सोम ने चेतावनी दी कि अगर मौलाना नहीं सुधरे, तो "यहां का सनातनी सड़कों पर उतर के इनको दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा और दौड़ा-दौड़ा के पाकिस्तान तक छोड़कर आएगा." उन्होंने घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर भेजने की भी बात कही.

मदनी का बयान- जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक कार्यक्रम में न्यायपालिका के हालिया फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 'बाबरी मस्जिद और तलाक जैसे मामलों के फैसलों से ऐसा लगता है कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं.' उन्होंने आगे कहा था कि अदालतों के कई ऐसे फैसले सामने आए हैं, जिनमें संविधान में दिए गए अल्पसंख्यकों के अधिकारों का खुले तौर पर उल्लंघन हुआ है.

admin

Related Posts

हिंदू धर्म से था लगाव, बालाघाट में जगद्गुरु शंकराचार्य के सान्निध्य में मोहसिन ने अपनाया सनातन

बालाघाट जात-पात में बंटे सकल सनातनी हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए हिंदू एकता परिचय देने के लिए बालाघाट जिला मुख्यालय के इतवारी कृषि उपज मंडी के प्रागंण में…

साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

आलेख – छगन लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क विभाग) रायपुर, बसंत पंचमी 23 जनवरी से नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी