टैक्स बम से गर्माया UK, कीर स्टार्मर पर आरोपों की बौछार; रीव्स के ‘झूठ’ पर बढ़ी हलचल

लंदन 
ब्रिटेन में कीर स्टार्मर सरकार द्वारा पेश किए गए नए बजट ने देश की राजनीति को हिला कर रख दिया है। मीडिया और विपक्ष इस बजट को “Benefits Street Budget” कह रहे हैं  यानी ऐसा बजट जो कामकाजी लोगों पर भारी टैक्स बढ़ाकर वेलफेयर लाभों को बढ़ावा देता है। बढ़ते जन-रोष और राजनीतिक संकट के बीच प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर डैमेज कंट्रोल करना पड़ा।

क्यों मचा बवाल? 
    चांसलर रेचल रीव्स ने बजट में £30 बिलियन की टैक्स बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके कारण
    लगभग 10 लाख ब्रिटिश नागरिक पहली बार 40% इनकम टैक्स स्लैब में आएंगे।
    2030–31 तक हर चार में से एक कामगार हाई टैक्स रेट देगा।
    वेलफेयर स्कीम्स पर खर्च बढ़ाया गया है।
    “टू-चाइल्ड बेनिफिट कैप” हटने से लाभार्थियों की संख्या और फंडिंग दोनों बढ़ेंगे।
    विपक्ष और टैक्सपेयर्स समूहों का आरोप है कि यह बजट मेहनतकश और टैक्स देने वाले मध्यम वर्ग पर सीधा हमला ।
    सबसे बड़ा आरोप- क्या सरकार ने वित्तीय आंकड़े छुपाए?

 बजट के बाद एक बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब सामने आया कि OBR (Office for Budget Responsibility) ने सरकार को बताया था कि देश के फाइनेंसेज़ में घाटा नहीं, बल्कि £4.2 बिलियन का सरप्लस था। इसके बावजूद बजट में टैक्स बढ़ोतरी को “आर्थिक गड्ढे” का हवाला देकर सही ठहराया गया। विपक्ष इसे “झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने” का मामला बता रहा है।
इसी कारण इसे “Reeves Lie Scandal” कहा जा रहा है।

रीव्स और पीएम कीर का पलटवार 
लगातार तीखे सवालों और आलोचनाओं के बीच रीव्स ने इंटरव्यू में कहा:“पिछले 16 महीनों में कई लोगों ने मुझे ख़त्म समझा।लेकिन आप मेरी राजनीतिक obituary आज नहीं लिखने वाले।”उन्होंने कहा कि टैक्स बढ़ोतरी “ज़रूरी और न्यायसंगत” है और वे किसी भी वादाखिलाफी को स्वीकार नहीं करतीं। तेज़ी से फैल रहे जनाक्रोश और राजनीतिक तूफान के बीच पीएम कीर स्टार्मर ने जनता और मीडिया को शांत करने के लिए बयान जारी किया और बताया कि वेलफेयर सिस्टम में सुधार लाए जाएंगे। उन्होंने युवा बेरोज़गारी और वर्क-इंसेंटिव को संबोधित करने का वादा किया और कहा कि आने वाले भाषण में बड़े आर्थिक सुधारों की घोषणा होगी। 

साथ ही, सरकार की आलोचना करने वालों का कहना है कि यह बजट कामकाजी वर्ग को और कमजोर करेगा, आर्थिक असमानता बढ़ाएगा, सरकार की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठा रहा है। “Benefits Street Budget” ने ब्रिटेन की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों में गहरी हलचल पैदा कर दी है।टैक्स बढ़ोतरी, वेलफेयर विस्तार, और वित्तीय जानकारी छुपाने के आरोपों ने सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है। विपक्ष का दावा है कि यह बजट “वर्कर्स पर टैक्स बम” है।
सरकार इसे “न्यायसंगत और संवेदनशील” बता रही है। 

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति