एयरपोर्ट के लिए उज्जैन में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण, AAI और सरकार के बीच MOU के बाद प्रोजेक्ट आगे बढ़ा

उज्जैन

  उज्जैन एयरपोर्ट को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य शासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के बीच एमओयू के बाद जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरु होगी। प्रयास है कि सिंहस्थ से पहले एयरपोर्ट का शुभारंभ हो जाए ताकि महापर्व के दौरान श्रद्धालु और पर्यटकों को हवाई मार्ग से भी सीधे उज्जैन पहुंचने की सुविधा मिल सके। दताना हवाई पट्टी के एयरपोर्ट में विकसित होने के बाद यहां से एटीआर-72 हवाई जहाज उड़ान भर सकेंगे। साथ ही नाइट लैडिंग की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी।

241 एकड़ जमीन की जरूरत

अभी देवास रोड ग्राम दताना में हवाई पट्टी है। जो चार्टड प्लेन की उड़ान के ही उपयोग में आती है। इसे विस्तारित करते हुए यहां एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए मौके पर करीब 241 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। भू-अर्जन को लेकर प्रशासन ने सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। सर्वे अनुसार भू-अजर्न में करीब 180 किसान व भवन स्वामी प्रभावित होंगे। मुआवजा सहित विकास पर करीब 475 करोड़ रुपए खर्च होने का आंकलन है। सर्वे और एमओयू होने के बाद अब एयरपोर्ट के लिए अगला कदम भू-अर्जन की कार्रवाई का रहेगा। सक्षम स्वीकृति मिलने के बाद संभावना है कि दिसंबर में भू-अर्जन की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया, एयरपोर्ट निर्माण को लेकर आवश्यक कार्रवाई प्रचलित है।

950 मीटर का रनवे होगा 1800 मीटर

दताना-मताना हवाई पट्टी पर अभी करीब 950 मीटर का रन-वे है। एयरपोर्ट के लिए इसका विस्तार लगभग दोगुना करते हुए इसे 1800 मीटर का बनाया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-२८ को अब तक का सबसे भव्य व सुविधायुक्त आयोजित करने का लक्ष्य रखा है।

सीएम की मौजूदगी में हुआ MOU

उज्जैन में एयरपोर्ट को लेकर मप्र शासन और एयरपोट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) के मध्य कुछ सप्ताह पूर्व ही मप्र स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल में एमओयू साइन किया गया है। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम में एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू की उपस्थिति में हुआ।

हवाई यात्रा के लिए अभी इंदौर एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन में एयरपोर्ट बनने से यात्री इंदौर की जगह सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे। सिंहस्थ बाद भी यह उपयोगी साबित होगा। यहां छोटे विमान (एटीआर) उतर व उड़ान भर सकेंगे। अभी नाइट लैंडिंग सुविधा नहीं है। एयरपोर्ट बनने से रात में भी हवाई मार्ग से उज्जैन आना-जाना संभव होगा।

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