कर्नाटक में सियासी गर्मी: सिद्धारमैया–डीके शिवकुमार की नाश्ता मुलाकात के पीछे क्या है ‘बड़ी बात’?

बेंगलुरु 
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने एकता का प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के आवास पर नाश्ता किया। सत्ता को लेकर जारी खींचतान के बीच कुछ ही दिन पहले शिवकुमार ने सीएम सिद्धारमैया के घर पर जाकर नाश्ता किया था। आज के नाश्ते के बाद दोनों नेताओं ने फिर एक बार मीडिया के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की। शिवकुमार और सिद्धारमैया ने कहा कि अगर कांग्रेस हाईकमान उन्हें बुलाता है तो दोनों नेता नई दिल्ली जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे हाईकमान के फैसले से बंधे हैं।

सिद्धारमैया ने कहा, 'मैंने और शिवकुमार ने साथ में नाश्ता किया, पार्टी के मामलों और आठ दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र की रणनीति पर चर्चा की। हम विधानसभा सत्र में विपक्ष का सामना करेंगे।' उन्होंने कहा- 'हम आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे। हम हमेशा एकजुट हैं, हम भाई हैं और साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अगर आलाकमान बुलाएगा तो मैं उनसे मिलने जरूर जाऊंगा।'

इससे पहले सिद्धारमैया यहां उपमुख्यमंत्री के सदाशिवनगर स्थित आवास पर पहुंचे, जहां शिवकुमार और उनके भाई तथा पूर्व कांग्रेस सांसद डी के सुरेश ने उनका स्वागत किया। हालांकि, इसे एक सौहार्द यात्रा के रूप में पेश किया जा रहा है क्योंकि तीन दिन पहले शिवकुमार इसी तरह नाश्ते के लिए मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर गए थे। शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि वह और मुख्यमंत्री दोनों एक टीम के रूप में मिलकर काम करते रहेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सिद्धारमैया को नाश्ते पर आमंत्रित किया है ताकि कर्नाटक से किए गए वादों को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर चर्चा की जा सके।

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