दिल्ली की ‘छोटी सरकार’ में बड़ा उलटफेर: बीजेपी की बढ़त से AAP की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली 
राजधानी दिल्ली में सर्दी के मौसम में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। एमसीडी उपचुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। इन नतीजों ने दिल्ली की 'छोटी सरकार' यानी एमसीडी का गणित पूरी तरह बदल दिया है। 12 वार्डों पर हुए इस 'मिनी संग्राम' में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए यह साबित कर दिया है कि दिल्ली के स्थानीय मुद्दों पर उनकी पकड़ फिर मजबूत हो रही है। ये जीत बीजेपी के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

उपचुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए अच्छे साबित नहीं हुए। 12 सीटों में से बीजेपी ने 7 पर कब्जा जमाया है, जबकि आम आदमी पार्टी केवल 3 सीटों पर सिमट गई । यह नतीजे इसलिए भी चौंकाने वाले हैं क्योंकि 2022 के एमसीडी चुनाव में AAP की लहर थी, लेकिन 2025 के खत्म होते-होते वह लहर अब कमजोर पड़ती दिख रही है।​

सदन का नया 'गणित'
इन नतीजों का सबसे बड़ा असर एमसीडी सदन के नंबर गेम पर पड़ा है। आपको याद होगा कि 2022 में बीजेपी 104 सीटों पर रुक गई थी। MCD में कुल 250 सीटें हैं। हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कुछ काउंसलरों के विधायक बनने से 12 सीटें खाली हो गई थीं। भले ही एमसीडी में बीजेपी का मेयर है, लेकिन पार्टी अभी भी बहुमत से काफी दूर थी। उपचुनाव होने से पहले तक बीजेपी के कुल 115 और आम आदमी के 99 पार्षद थे।

लेकिन अब उपचुनाव की 7 सीटें जीतने और पिछले कुछ समय में हुए सियासी बदलावों के बाद, बीजेपी के पास सदन में 122 पार्षद हो गए हैं ।​ वहीं, 134 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई AAP का आंकड़ा अब घटकर 102 के करीब रह गया है। यानी सदन के भीतर अब बीजेपी 'सबसे बड़ी पार्टी' बनकर उभरी है।

कांग्रेस का कैसा रहा प्रदर्शन?
इन नतीजों में दो और कहानियां छिपी हैं। कांग्रेस ने संगम विहार जैसी सीट जीतकर अपनी वापसी के संकेत दिए हैं और अपना कुल आंकड़ा 9 पर पहुंचा दिया है।​ लेकिन सबसे बड़ा 'शॉक' दिया है वामपंथी दल ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) ने। दिल्ली की राजनीति में जहां लेफ्ट का कोई नामलेवा नहीं बचा था, वहां एक सीट जीतकर उन्होंने सियासी पंडितों को हैरान कर दिया है ।​

मेयर चुनाव पर सस्पेंस
भले ही मेयर का चुनाव अभी दूर हो, लेकिन इन आंकड़ों ने भविष्य की पटकथा लिख दी है। 250 सदस्यों वाले सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा 126 है। बीजेपी अब 122 पर खड़ी है, जो बहुमत से सिर्फ 4 कदम दूर है। ऐसे में आने वाले दिनों में एमसीडी की बैठकों में हंगामा और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।

 

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