रेलवे की नई सुविधा: सिर्फ 20 रुपये में यात्रियों को मिलेगा बेडरोल पैक, देखें पूरी गाइडलाइन

नई दिल्ली 
ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा बदलाव शुरू किया है। अब तक बेडरोल की सुविधा केवल एसी कोच तक ही सीमित थी, लेकिन अब रेलवे इस सुविधा को स्लीपर कोच तक भी पहुंचाने जा रहा है। इससे वे यात्री भी लंबी दूरी के सफर में आराम पा सकेंगे, जो बिना तैयारी के यात्रा पर निकलते हैं या भारी सामान लेकर चलना नहीं चाहते।

रेलवे ने इस सुविधा को ऑन-डिमांड सर्विस के तौर पर शुरू करने का फैसला किया है। यानी आपको बेडरोल तभी मिलेगा, जब आप चाहेंगे और उसके लिए एक छोटा सा चार्ज देंगे।

स्लीपर क्लास में बेडरोल अब ऑन-डिमांड
स्लीपर कोच में बेडरोल फ्री में नहीं दिया जाएगा, बल्कि इसकी अलग से कीमत तय की गई है।
इसका फायदा उन यात्रियों को होगा जो:
अचानक यात्रा पर निकलते हैं
अपना बेडरोल घर से नहीं लाना चाहते
हल्के सामान के साथ यात्रा करना पसंद करते हैं
रेलवे का उद्देश्य है कि किराया बढ़ाए बिना स्लीपर यात्रा को और आरामदायक बनाया जाए।
यदि यात्रियों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला, तो यह सुविधा धीरे-धीरे और ट्रेनों में बढ़ाई जाएगी।

20 रुपये में क्या मिलेगा?
रेलवे ने स्लीपर बेडरोल के लिए तीन अलग विकल्प तय किए हैं:
सिर्फ चादर – 20 रुपये
एक साफ-सुथरी चादर
कंबल, तकिया या कवर इसमें शामिल नहीं
यह विकल्प उनके लिए सही है जिन्हें सिर्फ सोने के लिए चादर चाहिए।

सिर्फ तकिया कवर 30 रुपये
एक तकिया
पिलो कवर
यदि चादर घर से लाई है तो यह पैक काफी उपयोगी होगा।

कहां से शुरू हो रही है यह सुविधा?
फिलहाल रेलवे इसे ट्रायल बेसिस पर कुछ खास ट्रेनों में शुरू कर रहा है। अभी कुल 10 ट्रेनें इस लिस्ट में शामिल हैं:
12671/12672 – नीलगिरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस
12685/12686 – मैंगलोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस
16179/16180 – मन्नारगुड़ी एक्सप्रेस
20605/20606 – तिरुचेंदुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस
22651/22652 – पालघाट एक्सप्रेस
20681/20682 – सिलंबु सुपरफास्ट एक्सप्रेस
22657/22658 – तांबरम–नागरकोइल सुपरफास्ट एक्सप्रेस
12695/12696 – त्रिवेंद्रम सुपरफास्ट एक्सप्रेस
22639/22640 – अल्लेप्पी एक्सप्रेस
16159/16160 – मैंगलोर एक्सप्रेस

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति