मोदी और पुतिन की बैठक: दोनों देशों में बनी सहमति, पुतिन बोले—भारत को लगातार तेल देते रहेंगे

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों ने अपने संयुक्त बयान में आपसी संबंधों को मजबूत करने और मिलकर आतंकवाद पर प्रहार करने का संकल्प जाहिर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह है। उन्होंने कहा, पिछले आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है और इन सबके बीच भी भारत–रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही है। परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं।

जब हमारे द्विपक्षीय संबंध कई ऐतिहासिक माइलस्टोन से गुजर रही है. उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान ही साल 2000 में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी शुरू हुई थी. 25 साल पहले पुतिन ने पार्टनरशिप की नींव रखी थी. इस बीच मानवता को कई संकट देखने पड़े. लेकिन भारत-रूस दोस्ती ध्रुव तारे की तरह बनी रही. पिछले 25 साल के उन्होंने अपनी लीडरशिप से हमारे संबंध मजबूत किए हैं. पुतिन की वजह से रूस-भारत का रिश्ता मजबूत हुआ. 

हर परिस्थिति में उनकी नेतृत्व क्षमता ने भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. मैं अपने दोस्त पुतिन का दिल से आभार व्यक्त करता हूं. रूस के साथ भारत की दोस्ती ग्लोबल चैलेंज से लड़ेगी. यूक्रेन के संबंध में भारत ने शुरुआत से शांति का पक्ष रखा है. हम इस विषय के शांतिपूर्ण और स्थाई समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं. भारत सदैव अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और आगे भी रहेगा. 

भारत को बिना रोक-टोक तेल देते रहेंगे- पुतिन
पुतिन ने कहा कि शानदार स्वागत के लिए भारत का आभार. रूस तेल-गैस का प्रमुख सप्लायर है. भारत को फ्यूल सप्लाई जारी रहेगी. भारत को बिना रोक-टोक तेल देते रहेंगे. दोनों देश आर्थिक सहयोग बढ़ाएंगे. सेनाओं के आधुनिकीकरण में सहयोग देंगे. भारत-रूस में लगातार बातचीत है. रूस तेल, कोयला, गैस का 'भरोसेमंद सप्लायर' है. भारत को एनर्जी की 'बिना रुकावट सप्लाई' देने के लिए तैयार है. पुतिन ने भारत को छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर टेक्नोलॉजी का ऑफ़र दिया. 

कोऑपरेशन और माइग्रेशन पर एग्रीमेंटः
भारत और रूस के बीच अहम समझौते हुए. कोऑपरेशन और माइग्रेशन पर एग्रीमेंट हुआ. हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन पर समझौता हुआ. फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स पर एग्रीमेंट, फर्टिलाइजर पर एग्रीमेंट हुआ. पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन पर समझौता हुआ. 

आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार

पीएम मोदी ने कहा, क्रिटिकल मिनिरल्स को लेकर अहम सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत शुरू से ही यूक्रेन मामले में शांति के ही पक्ष में रहा है। वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस बिना किसी दबाव के भारत को फ्यूल की सप्लाई करता रहेगा।पुतिन ने अपने बयान में कहा कि रूस और भारत के बीच संबंधों को लेकर उन्होंने हर पहलू पर चर्चा की है। हम सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार है और रूस-भारत इसके खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।

पीएम मोदी ने कहा, भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाना हमारी प्राथमिकता है। हम भारत-रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को 2030 तक जारी रखने पर सहमत हुए हैं। भारत और रूस यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारत और रूस के बीच कौन से अहम समझौते

-दोनों ने प्रवासन और आसान आवाजाही से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत एक से दूसरे देश जाकर नौकरी या बिजनेस करना आसान होगा।

-स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

-प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच वार्ता के बाद भारत, रूस ने बंदरगाह और पोत परिवहन क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

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