दीपिका का ओलंपिक मिशन शुरू, लॉस एंजिल्स के लिए जोरदार प्रैक्टिस जारी

नई दिल्ली
देश की शीर्ष महिला तीरंदाज तीरंदाज दीपिका कुमारी ने कहा है कि उनका लक्ष्य आगामी लॉस एंजिल्स ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करना है। दीपिका ने कहा कि वह इसी को देखते हुए दबाव वाले हालातों से निपटने के लिए मानसिक मजबूती बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। चार बार की ओलंपियन दीपिका के अनुसार लॉस एंजिलिस ओलंपिक में उनके लिए पदक जीतने का अंतिम अवसर होगा। ऐसे में वह अपनी ओर से कोई कमी नहीं रखेंगी। इसी वह इस बार नहीं तो अभी नहीं की मानसिकता के साथ उतरेंगी। 
दीपिका ने कहा कि अभी निकट भविष्य में उनका संन्यास का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है अब तक की सभी प्रतियोगिताओं से मुझे अच्छा अनुभव मिला है। दीपिका ने बताया कि उनकी वर्तमान ट्रेनिंग में मानसिक और तकनीकी दोनों पहलुओं को बेहतर करने पर काम हो रहा है। इस तीरंदाज ने कहा, ‘मैं अपने खेल के मानसिक और तकनीकी दोनों पहलुओं पर काम कर रही हूं और यह प्रीमियर लीग मुझे और बेहतर बनाने में मदद कर रही है। दर्शकों के सामने खेलने से दबाव तो आता है, लेकिन यही दबाव खिलाड़ियों को बेहतर बनाने में मदद करता है। उन्होंने कहा, ‘मैं हर तकनीक में महारत हासिल करने की कोशिश कर रही हूं, जिससे दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन किया जा सके। 

 

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति