शिक्षकों के बिना पढ़ाई! DAVV में विजिटिंग फैकेल्टी के भरोसे अकादमिक व्यवस्था

इंदौर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। बरसों से रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। इनकी कमी अब विभागों में महूसस होने लगी है, क्योंकि वरिष्ठ प्राध्यापक लगातार सेवानिवृत्त हो रहे है। ऐसे में विभागों की शैक्षणिक, परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े गतिविधियां प्रभावित होती है। विजिटिंग फैकेल्टी के भरोसे 90 फीसद विभाग टीके हुए है। इन दिनों जनवरी से शुरू होने वाले सेमेस्टर को लेकर तैयारी चल रही है। आधा दर्जन से ज्यादा विभागों ने विजिटिंग फैकल्टी के लिए आवेदन मांगवाएं है। अधिकारियों के मुताबिक कई विभागों में नियमित व सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों के पद नहीं है।
 
हर साल विभागों को सालभर में दो मर्तबा विजिटिंग फैकेल्टी की भर्तियां करना पड़ती है। मई और दिसंबर में आवेदन मांगवाए जाते है। 11 महीने की अवधि रखी जाती है। इन दिनों वाणिज्य, सांख्यिकी, कम्प्यूटर साइंस, सोशल साइंस, फिजिक्स सहित अन्य विभागों ने विज्ञापन निकाला है। विभाग स्तर पर आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। उसके बाद उम्मीदवारों के लिए साक्षात्कार रखे जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक विभाग की आवश्यकता अनुसार विजिटिंग फैकेल्टी रखी जाएगी। इन विभागों में पांच से लेकर आठ शिक्षकों को रखा जाएगा।

180 पद हैं अभी रिक्त
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में प्राध्यापक, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, रीडर व लेक्चरार के 450 से अधिक पद है। 270 पद पर शिक्षक कार्यरत है, जिसमें 112 प्रोफेसर, 54 रीडर, 43 लेक्चरार, 60 एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर है। 2009 के बाद 2022 में रिक्त पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। उस दौरान 45 सेल्फ फाइनेंस और 47 बैंकलाग पदों पर भर्तियां की गई। उसके बाद अभी 180 पद पर नियुक्तियां होना बाकी है। इन्हें भरने को लेकर अभी विश्वविद्यालय ने कोई प्रक्रिया नहीं शुरू की है।

 

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