प्रयागराज में डिजिटाइजेशन की सफलता, 16 कदम दूर शत-प्रतिशत लक्ष्य

प्रयागराज

मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में शुरुआती चुनौतियों को पारकर अब जिला काफी आगे बढ़ चुका है। अगर शहरी मतदाताओं ने सहयोग दिया होता तो स्थिति और बेहतर हो चुकी होती। शुक्रवार तक जिले में 84 फीसदी डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो गया। यानी शत प्रतिशत काम होने से महज 16 कदम दूरी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को संगम सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान मतदाताओं से तत्काल प्रपत्र जमा करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि देरी करना उचित नहीं है। क्योंकि मैपिंग में भी वक्त लग रहा है। जिले की 12 विधानसभा क्षेत्रों की बात की जाए तो कोरांव में शुक्रवार तक 98 फीसदी तक डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है।

वहीं बारा 95 फीसदी के साथ दूसरे और सोरांव 92 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है। अच्छी खबर यह है कि मतदान में सबसे पीछे रहने वाले इलाहाबाद उत्तर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने एसआईआर प्रक्रिया में अपनी रुचि दिखाई है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र में भी इस वक्त 80 फीसदी के आसपास डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। हालांकि अब महज छह दिन बचे हैं। डीएम ने बताया कि जिले के 469280 मतदाताओं में अब तक लगभग 40 लाख प्रपत्रों को डिजिटाइज करने का काम पूरा हो चुका है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति