वीर सैनिकों के सम्मान में सीएम योगी ने झंडा दिवस पर किया फ्लैग पिन और स्मारिका लॉन्च

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ उत्तर प्रदेश पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘फ्लैग पिन’ और ‘स्मारिका’ (स्मृति चिन्ह) का विमोचन किया। उन्होंने कहा, “यह दिवस देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवानों को नमन करने और उनके परिवारों के कल्याण तथा सम्मान के प्रति पूरे राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराने का प्रतीक है।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें अपने सैनिकों और उनके आश्रितों के प्रति हमेशा आभारी रहना चाहिए और उनके सहयोग के लिए योगदान देना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "देश के सशस्त्र बलों के वीर जवानों एवं उनके परिजनों को ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की एकता, अखंडता और सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सशस्त्र बलों के सभी सैनिकों को नमन। जय हिंद!"

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मां भारती की रक्षा हेतु सतत समर्पित भारतीय सेना के वीर जवानों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! देश की रक्षा में सदैव तत्पर हमारे सशस्त्र बलों के वीर जवानों का साहस, अनुशासन और समर्पण वंदनीय है। मैं प्रत्येक सैनिक को उनके पराक्रम एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए हृदय से नमन करता हूं।"
उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मातृभूमि की सुरक्षा में सतत समर्पित हमारे सशस्त्र बलों के जांबाज जवानों और उनके परिजनों को "सशस्त्र सेना झंडा दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं व उनके वीरता, साहस, शौर्य व बलिदान को कोटि कोटि नमन। जय हिंद!"

भारत 1949 से 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मना रहा है ताकि उन शहीदों और सैनिकों को सम्मानित किया जा सके जिन्होंने देश के सम्मान की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी और लड़ रहे हैं। यह दिन राष्ट्रीय एकजुटता व्यक्त करने और दान के माध्यम से युद्ध में विकलांग सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए धन जुटाने के लिए मनाया जाता है।

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