जाफर एक्सप्रेस एक बार फिर आतंक के निशाने पर, नसीराबाद में ट्रैक से बरामद हुआ बम

पेशावर 
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने जाफर एक्सप्रेस यात्री ट्रेन पर हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया। मीडिया में रविवार को आई एक खबर में यह जानकारी दी गई। समाचारपत्र ‘डॉन' की खबर के अनुसार, पेशावर जाने वाली ट्रेन की पटरी पर शनिवार को प्रांत के नसीराबाद इलाके में अज्ञात चरमपंथियों ने विस्फोटक लगा दिया था। पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से खबर में बताया गया कि विस्फोटक लगाए जाने के बारे में सूचना मिलने के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर उसे निष्क्रिय कर दिया।
 
इसी इलाके में एक महीने पहले एक विस्फोट हुआ था, जिससे ट्रेन बाल-बाल बच गयी थी। कुछ महीने पहले, इस ट्रेन पर हुए एक घातक हमले में 26 लोग मारे गए थे। इस बीच, पेशावर से क्वेटा जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को सुरक्षा कारणों से जकोबाबाद में रोक दिया गया। एक अन्य ट्रेन को भी वहां रोका गया। खबर के अनुसार, स्थिति का आकलन करने के बाद इन रेलगाड़ियों की सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी। यह पहली बार नहीं है, जब उग्रवादियों ने जाफर एक्सप्रेस पर हमला किया हो। ट्रेन सेवा पहले भी कई बार प्रभावित हो चुकी है।  

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति