ओरछा को पर्यटन में वैश्विक मुकाम दिलाने मास्टर प्लान तैयार होगा

भोपाल
 मुख्य सचिव अनुराग जैन ने ओरछा में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।मुख्य सचिव जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे और  विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को  समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए।मुख्य सचिव उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्य सचिव ने आर्कियोलॉजिकल पार्क पहुंचकर निर्देश दिए कि ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करें। पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचे और बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी हैमुख्यसचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण  पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए। 

उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।

 

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