देशविरोधी मानसिकता वालों को बताया जयचंद-मीरजाफर का वारिस: मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज और देश को विभाजित करने वालों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे लोग जयचंद और मीरजाफर जैसा पाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तोड़ने के लिए बहुत से लोग हैं। कोई जाति के नाम पर, कोई क्षेत्र और कोई भाषा के नाम पर बांट रहा है। समाज और देश तोड़क इन तत्वों को जब सत्ता में आने का मौका मिलता है तो वे सिर्फ अपने और परिवार के बारे में सोचते हैं। परिवार के लिए प्रॉपर्टी, विदेश में होटल और द्वीप खरीदते हैं। ऐसे लोग देश को दरिद्र करने का षड्यंत्र करते हैं। 

जाति, क्षेत्र आदि के नाम के तात्कालिक लॉलीपॉप से समाज और देश का कल्याण नहीं हो सकता। देश का कल्याण तभी होगा, जब भेदभाव नहीं होगा, सबमें एकता होगी। मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बिपिन रावत की प्रतिमा का भी अनावरण किया और महान सैन्य नायक को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस प्रतिमा की स्थापना जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की तरफ से कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को याद किया तथा देश के समसामयिक हालात पर भी चर्चा करते हुए विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिलाए गए पंच प्रणों को अपनाने की अपील की। सीएम योगी ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया था कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक हमें कैसा भारत चाहिए, इसके लिए एक कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई सच्चा भारतीय गरीब, असुरक्षित या कमजोर भारत चाहता होगा? इसका जवाब भी उन्होंने खुद दिया और कहा कि एक सच्चा भारतीय मजबूत, विकसित और आत्मनिर्भर भारत ही चाहेगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है तो वह सच्चा भारतीय हो नहीं सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अगर विकसित और सुरक्षित बनाना है तो पीएम मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने वीसैनिकों और महापुरुषों का सम्मान करना होगा। श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति वीर शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई की विरासत और परंपरा पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके समाज प्रगति नहीं कर सकता। इसमें किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए। हमें गुलामी की मानसिकता को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। देश में बनी चीज खराब और विदेशी अच्छा है, इस सोच को तिलांजलि देनी होगी।

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने कहा कि सैन्य सेवा के जरिए जनरल बिपिन रावत का देश हित में योगदान स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। वह बिना भय अपनी बात रखने वाले बेबाक इंसान थे। सैनिक जीवन में भावुकता का रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण होता है। जनरल रावत इसे खूब समझते थे। उन्होंने कठोरता और संयम के बीच समन्वय बनाते हुए कभी दूसरों की भावनाओं को आहत नहीं होने दिया। उन्होंने जो राह बनाई वह सभी सैनिकों के लिए आदर्श और प्रेरक हैं।
पूर्व वायुसेना प्रमुख सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की स्मृति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सैनिक स्कूल को दिया गया ऑडिटोरियम का उपहार सदैव स्मरणीय रहेगा। यह सीएम योगी की तरफ से सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे जनरल बिपिन रावत के नाम से वर्तमान और भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी।

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