रॉकस्टार वाइब्स और पागल होती भीड़—हार्दिक पांड्या ने खोला प्रेरणा का सीक्रेट

नई दिल्ली 
भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का मानना है कि चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने के बाद वह सकारात्मक मानसिकता से ही ‘दमदार और बेहतर वापसी’ करने में सफल रहे। रॉकस्टार का उदाहरण देकर उन्होंने ये भी बताया कि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा क्या है। एशिया कप के दौरान चोटिल होने वाले इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने भारतीय टीम में शानदार वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 28 गेंद पर नाबाद 59 रन की तूफानी पारी खेली और फिर 16 रन देकर एक विकेट लिया। भारत ने इस मैच में 101 रन से बड़ी जीत हासिल की।

हार्दिक ने बीसीसीआई टीवी पर जारी किए गए एक वीडियो में कहा, ‘मेरी सोच यह थी कि मैं पहले की तुलना में अधिक दमदार और बेहतर वापसी करूं। चोटें मानसिक रूप से आपकी परीक्षा लेती हैं और साथ ही कई तरह के संदेह भी पैदा करती हैं। इससे उबरने में अपने करीबी लोगों का भी बड़ा योगदान होता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने खुद को मजबूत बनाए रखा जिससे मुझे अधिक आत्मविश्वास मिला तथा खुद पर भरोसा करने और अपनी क्षमताओं पर पूरी तरह से विश्वास करने में मदद मिली है। मुझे एक खिलाड़ी के रूप में खुद पर पूरा भरोसा है। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि अगर आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं, तो दूसरे आप पर कैसे विश्वास करेंगे।’

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टी20 विश्व कप में भारतीय अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी हार्दिक ने कहा कि वह ऐसे इंसान हैं जो आत्मविश्वास अपने भीतर से प्राप्त करता है और लोग क्या सोच रहे हैं इसकी ज्यादा परवाह नहीं करता है उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैं जीवन में बेहद ईमानदार और यथार्थवादी इंसान रहा हूं जिससे मुझे बहुत मदद मिली है। मुझे घुमा फिरा कर बात करना पसंद नहीं है। मैं इसकी परवाह नहीं करता कि अन्य लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं। मैं हमेशा इस पर ध्यान देता हूं कि मैं खुद के बारे में क्या सोच रहा हूं।’

हार्दिक ने कहा, ‘अब वो समय आ गया है जब हार्दिक पांड्या सिर्फ खेल खेलना चाहता है, मैदान पर हर पल का आनंद लेना चाहता है। अब बड़ा और बेहतर बनना ही मेरे जीवन का ध्येय है।’ पांड्या का कहना है कि दर्शकों के समर्थन से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें उम्मीदों पर खरा उतरने में मदद करती है।

उन्होंने कहा, ‘आपको एक रॉकस्टार होना चाहिए। आप आते हैं, 10 मिनट तक परफॉर्म करते हैं और भीड़ पागल हो जाती है, मुझे लगता है कि यही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है। मैंने जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया और उनसे सबक लिया। इसलिए जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो मुझे लगता है कि दर्शक बस मेरा ही इंतजार कर रहे हैं। वे मुझे बल्लेबाजी करते हुए देखने के लिए ही इंतजार कर रहे हैं।'

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