बंगाल में शाहजहां केस का गवाह निशाने पर, हमले में दो की हत्या – बढ़ी राजनीतिक हलचल

कोलकाता 
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में हो रही घटनाओं का जिक्र करते हुए शेख शाहजहां केस से जुड़े एक गवाह के साथ हुए हादसे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में न्याय की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ी करती है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें शेख शाहजहां केस का मुख्य गवाह बुरी तरह घायल हो गया। 

इस हादसे में दो अन्य लोगों की जान चली गई। घटना सुबह करीब सात बजे नजात इलाके में हुई, जब गवाह अपने बेटे के साथ कोर्ट में गवाही देने के लिए बसंती रोड पर जा रहा था। अचानक दूसरी दिशा से आ रहे एक ट्रक ने उसकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि भोला घोष के बेटे और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। भोला घोष को पहले स्थानीय मिनाखान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें कोलकाता के एक बड़े अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।

अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में दावा किया कि ट्रक को शेख शाहजहां का करीबी अब्दुल हलीम मोल्ला चला रहा था, जो अपने साथी नजरुल मोल्ला के साथ मौजूद था।
मालवीय के मुताबिक, अब्दुल हलीम मोल्ला लंबे समय से सीबीआई की वांछित सूची में भगोड़े के रूप में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में बंद शेख शाहजहां गवाहों को एक-एक करके निशाना बना रहा है ताकि केस कमजोर हो जाए। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस सबके पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का संरक्षण है, क्योंकि राज्य की पुलिस और प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

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