मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दमोह के जनप्रतिनिधियों ने माना आभार

खजुराहो मन्त्रि-परिषद की बैठक में दमोह को मिली अभूतपूर्व सौगातें

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दमोह के जनप्रतिनिधियों ने बुंदेलखंड सहित दमोह जिले को दी गई अभूतपूर्व सौगातों के लिए जनता की ओर से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मंत्रालय में भेंट कर दमोह के जनप्रतिनिधि श्री श्याम शिवहरे ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सागर से दमोह के 76 किलोमीटर फोर लेन सड़क मार्ग के लिए 2059 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए से अधिक राशि की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही दमोह मेडिकल कॉलेज के लिए नियमित और आउटसोर्स के पदों की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति