दंतेवाड़ा में कलेक्टर दुदावत ने नहाड़ी और पोटाली ग्रामों का किया दौरा

दंतेवाड़ा : कलेक्टर दुदावत ने नहाड़ी व पोटाली के ग्रामों का किया निरीक्षण

ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को सुनीं, मलेरिया मुक्त अभियान में सहयोग का आह्वान

दंतेवाड़ा

कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने जिले के दूरस्थ अंचल नाहाड़ी और पोटाली का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं और लंबित कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा रखे गए प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को स्थल पर ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ग्राम पोटाली में ग्रामीणों ने पंचायत भवन, गांव की सड़क व्यवस्था, आंगनबाड़ी भवन, बाजार शेड, पीडीएस भवन में शेड की व्यवस्था, देवगुड़ी में शेड निर्माण, हैंडपंप की मरम्मत, स्थापना, तार-फेंसिंग तथा पीडीएस भवन परिसर में हाईमास्ट लाइट लगाने की मांग रखी। मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि इनमें से अनेक कार्य पहले से स्वीकृत हैं, परंतु अब तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं, जिससे दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों की अद्यतन सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।

 इस दौरान ग्राम नाहाड़ी में ग्रामीणों ने सड़क संपर्क, आंगनबाड़ी भवन तथा स्कूल भवन के निर्माण को प्रमुख मांग के रूप में प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने बताया कि भवनों की स्वीकृति होने के बावजूद निर्माण अधूरा है, जिससे बच्चों व महिलाओं के लिए असुविधा होती है। कलेक्टर  दुदावत ने आश्वासन दिया कि बुनियादी सुविधाओं को हर ग्राम तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधूरे कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य पारा-टोलों से मिली मांगों को जैसे ही संबंधित अधिकारी प्रस्तुत करेंगे, प्रशासन उन पर भी त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। कलेक्टर ने उक्त ग्रामों के सरपंचों से आग्रह किया कि वे स्वीकृत कार्यो को सर्वप्रथम कराने की पहल करे तत्पश्चात अन्य ग्राम संबंधित कार्य प्रारंभ किए जाएगें।

इसके लिए उन्होंने जनपद पंचायत सहित अन्य विभागों को ग्राम सरपंचों से समन्वय एवं मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन अपडेट करें और वास्तविक स्थिति की समीक्षा नियमित रूप से की जाए। निरीक्षण के अंत में कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने ग्रामीणों से अपील की कि जिले में 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ शासन द्वारा संचालित किया जा रहा है, इसलिए सभी ग्रामीण अनिवार्य रूप से मलेरिया की जांच कराएं। उन्होंने कहा कि मलेरिया से बचाव के लिए समय पर जांच व उपचार अत्यंत आवश्यक है और ग्रामीणों के सहयोग से ही जिले को मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ  जयंत नाहटा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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