नेशनल लोक अदालत 13 दिसम्बर को

भोपाल
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 13 दिसम्बर-2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में सभी नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं को कर एवं प्रभार वसूली के लिए निर्देश दिये गये हैं।

आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि लोक अदालत में अधिकतम मामलों का निराकरण सुनिश्चित किया जाये। करदाताओं को बकाया कर, जल प्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार जमा करने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम-1961 तथा म.प्र. नगर निगम अधिनियम-1956 के प्रावधानों के तहत देय करों एवं प्रभारों पर निर्धारित सीमा तक ब्याज एवं अर्थदंड (पेनाल्टी) में छूट प्रदान की जा सकेगी।

नेशनल लोक अदालत के दौरान कर एवं प्रभार वसूली को सुगम बनाने के लिए ई-नगर पालिका पोर्टल के माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नागरिकों को नेशनल लोक अदालत के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति