बाबा रणजीत की प्रभातफेरी में 7 लाख श्रद्धालुओं का उमड़ा आस्था का सैलाब, 4.5 किमी का सफर 7 घंटे में पूरा

इंदौर 

इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से शुक्रवार सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकली, जिसमें दो लाख से अधिक लोगों जुटे। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों की ऊर्जा कम होने का नाम नहीं ले रही थी। चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ति में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आया। रणजीत अष्टमी के मौके पर इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर से रणजीत बाबा की विशाल प्रभातफेरी निकाली गई। स्वर्ण रथ पर विराजित बाबा के दर्शन पाने के लिए 5.2 डिग्री सेल्सियस की ठंड में छह से सात लाख भक्त पहुंचे। इतनी भीड़ होने के कारण यात्रा को 4.5 किलोमीटर सफर में 7 घंटे का समय लगा। 

रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। सुबह 32वें क्रम पर बाबा रणजीत का रथ था। रथ के आगे भजन मंडल, नृतक दल, नासिक ढोल पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। प्रभातफेरी को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नजर आए।सुबह चार बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकले। इस दौरान भव्य आतिशबाजी हुई। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंची। 

प्रभातफेरी द्रविड़ नगर, महू नाका, दशहरा मैदान और अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए वापस मंदिर में संपन्न हुई। यात्रा की शुरुआत सुबह 5 बजे हुई थी, जो दोपहर करीब 12 बजे संपन्न हुई।

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास के मुताबिक, यात्रा में 3 झांकियां शामिल की गई थीं। एक में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए राम दरबार, दूसरे में माता अंजनि की गोद में भगवान हनुमान लला और तीसरे में रणजीत लोक का प्रेजेंटेशन दिखाया गया।

71 भजन मंडली भी आई थीं। इनमें तीन महाकाल की मंडली थी। यात्रा के बाद सवा लाख रक्षा सूत्र बांटा जाना है। कुछ आज तो बाकी रोज बांटे जाएंगे।

रामायण पर आधारित दो झांकियों का निर्माण कराया गया था। जिसे भक्तों ने खूब सराहा। इसके अलावा 20 से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में चलीं। प्रभातफेरी में शामिल भक्त नंगे पैर चले। कुछ भक्त झाड़ू भी लगा रहे थे। 

तीन मार्गों पर वाहन प्रतिबंधित थे
प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था। शुक्रवार सुबह तीन बजे से फूटीकोठी, उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहे। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक आवागमन बंद रहा। 

पांच सौ पुलिस जवान रहे तैनात
रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहे। इसके अलावा मार्ग के बड़े भवनों से भी पुलिस जवान निगरानी किए। ड्रोन के जरिए भी पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा का घेरा बना रहा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से जुड़ी गलियों में भी पुलिस जवान तैनात रहे और गलियों में बैरिकेड लगाए गए थे। 

आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तैयार प्रभातफेरी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 3 एम्बुलेंस नरेंद्र तिवारी मार्ग, महू नाका चौराहा और दशहरा मैदान पर तैयार रखी गई थीं। 3 फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी तैनात थीं। मार्ग पर बने सभी मंच लेफ्ट साइड पर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो। प्रभातफेरी में सबसे आगे पुलिस बल, प्रचार वाहन, बैनर, बैंड, ध्वज वाहक, झांकियां, महाकाल मंडलियां, महिला मंडल, एलईडी झांकियां, अतिथि वाहन और अंत में रणजीत बाबा का स्वर्ण रथ था। इसके बाद सफाई टीम और एम्बुलेंस चल रही थी।

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