पी.एच.डी शोध छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन आमंत्रित

शिक्षण सत्र 2025–26 के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
अनुसूचित जाति-जनजाति एवं सभी वर्ग के दिव्यांग विद्यार्थी नवीन एवं नवीनीकरण के लिए कर सकेंगे आवेदन

भोपाल 
उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2025-26 में पी.एच.डी. शोध छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत विश्वविद्यालयों में अध्ययरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सभी वर्गों के दिव्यांग शोधार्थियों से नवीन एवं नवीनीकरण के लिए आवेदन मंगाए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को 5 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से आवेदन जमा करना होगा। नवीन आवेदन कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा, सतपुड़ा भवन, भोपाल एवं नवीनीकरण के लिए कार्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक में जमा करने होंगे। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट www.highereducation.mp.gov.in पर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

पात्रता नियम

    शोधार्थी मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो, जिसका प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में देना आवश्यक होगा।

    किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति/जनजाति/दिव्यांग वर्ग, जो पी.एच. डी. अनुसंधान के लिए पंजीकृत हो।

    SC/ST वर्ग के आवेदकों के लिए माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय रूपये 8,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

    दिव्यांग वर्ग के सभी आवेदकों के लिए भी अभिभावक की आय सीमा रूपये 8,00,000 निर्धारित है।

    सभी वर्गों के दिव्यांग आवेदकों के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य है।

    एक समय में केवल एक ही छात्रवृत्ति प्राप्त की जा सकेगी। पहले से किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ उठा रहे शोधार्थी दोहरी छात्रवृत्ति नहीं ले सकेंगे।

चयन प्रक्रिया

शोधार्थियों का चयन मेरिट लिस्ट (Merit List) के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक विषय के लिए सीटों का निर्धारण अलग-अलग किया गया है। SC/ST शोधार्थियों के लिए कुल 156 सीटें तथा दिव्यांग वर्ग के लिए 10 सीटें निर्धारित हैं। प्रत्येक चयनित शोधार्थी को ₹16,000 प्रतिमाह या शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार छात्रवृत्ति दी जाएगी।

आवेदन के साथ ये लगेंगे दस्तावेज

शोध पंजीयन प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (SC/ST), दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू), माता-पिता की आय प्रमाण पत्र (नवीनतम), शोध कार्य की प्रगति रिपोर्ट (यदि नवीनीकरण हेतु आवेदन), बैंक पासबुक की प्रति और आधार कार्ड।

 

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