भोपाल में प्रदूषण मुक्त सफर की शुरुआत, 21 दिसंबर से दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन, मोहन सरकार की बड़ी योजना

 भोपाल

मध्य प्रदेश अब देश के उन 12 चुनिंदा राज्यों में शामिल हो रहा है, जहां एक से अधिक शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। इंदौर की तरह अब राजधानी भोपाल भी मेट्रो के नये दौर में प्रवेश करने को तैयार है। प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि भोपाल में मेट्रो का संचालन 21 दिसंबर से शुरू कर दिया जाएगा। इससे राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। राजधानी के यात्रियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण और लंबे समय से प्रतीक्षित सुविधा है, जिसका उद्देश्य शहर की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के दबाव को कम कर यातायात निर्बाध बनाना है।

इंदौर मेट्रो सबसे पहले चली
प्रदेश में सबसे पहले इंदौर मेट्रो ट्रेन की शुरुआत 31 मई, 2025 को हुई। अभी इसका छह किलोमीटर (गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 तक) के 'सुपर प्रॉयोरिटी कॉरिडोर' पर कमर्शियल रन किया जा रहा है, जो कि कुल 31.32 किमी के पहले चरण का हिस्सा है, जिसका धीरे-धीरे विस्तार हो रहा है। वहीं, भोपाल में 21 दिसंबर को कमर्शियल रन शुरू होगा। इसमें भोपाल एम्स से सुभाष नगर तक साढ़े सात किमी प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ेगी। यह भोपाल के पहले चरण के 30 किमी का हिस्सा है। प्रदेश में इंदौर और भोपाल में कुल 60 किमी के काम को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2028 तय किया गया है।

प्रदूषण मुक्त सफर
मेट्रो के शुरू होने से रोजाना हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का विकल्प मिलेगा। हालांकि अभी यात्रियों की संख्या कम है, लेकिन आने वाले समय में मेट्रो की दूरी बढ़ने के साथ उपयोग बढ़ने की बात विशेषज्ञ बता रहे हैं। साथ ही शहर के प्रमुख इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे समय और ईंधन की बचत भी होगी। राज्य सरकार का कहना है कि मेट्रो परियोजना न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि भोपाल को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को और सुदृढ़ करेगी। मेट्रो कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। इसी तरह इंदौर में मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद से शहरवासियों में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर उत्साह देखने को मिला है और अब भोपाल में भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस
अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। सुरक्षा के लिए ऑटोमैटिक डोर सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, यात्री सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीक इसमें शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा-कुशल प्रणाली अपनाई गई है। आने वाले महीनों में मेट्रो के अन्य चरणों पर भी तेजी से काम किया जाएगा, ताकि पूरे शहर को बेहतर नेटवर्क से जोड़ा जा सके।

अभी इन 11 राज्यों में दौड़ती है मेट्रो
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल, राजस्थान, हरियाणा शामिल है। अब भोपाल मेट्रो के व्यावसायिक संचालन की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश 12वां राज्य बन गया।

देश के इन शहरों में चल रही मेट्रो

    दिल्ली-एनसीआर: देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क
    कोलकाता: भारत की पहली मेट्रो (1984 में शुरू)।
    मुंबई: देश के बड़े मेट्रो नेटवर्क में से एक।
    बेंगलुरु (नम्मा मेट्रो): दक्षिण भारत का प्रमुख नेटवर्क।
    हैदराबाद: आधुनिक मेट्रो प्रणाली के लिए जाना जाता है।
    चेन्नई: एक और बड़ा महानगर मेट्रो।
    जयपुर: राजस्थान की राजधानी में मेट्रो।
    कोच्चि (केरल): दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण मेट्रो नेटवर्क।
    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में मेट्रो।
    नोएडा-ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटा हुआ मेट्रो नेटवर्क।
    अहमदाबाद
: गुजरात का मेट्रो नेटवर्क।
    नागपुर: अपनी डबल-डेकर मेट्रो के लिए प्रसिद्ध।
    कानपुर: उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण मेट्रो।
    पुणे: महाराष्ट्र का एक और मेट्रो शहर।
    गुरुग्राम (रैपिड मेट्रो): दिल्ली मेट्रो से जुड़ा हुआ।

यहां चल रहा काम 
पटना, आगरा में भी मेट्रो या तो चल रही है या निर्माण के विभिन्न चरणों में है, जिससे भारत का मेट्रो नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है।

 

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