‘ममता सरकार ने देश को बदनाम किया’— मेसी इवेंट को लेकर BJP ने अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स का दिया हवाला

कोलकाता 
ग्लोबल फुटबॉल आइकॉन लियोनेल मैसी का भारत दौरा कोलकाता से शुरू तो हुआ, लेकिन अव्यवस्था की वजह से यह ममता सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है। भाजपा की तरफ से लगातार सरकार पर हमला बोला जा रहा है। इसी क्रम में बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर वैश्विक मीडिया की रिपोर्ट्स को साझा करते हुए लिखा कि ममता सरकार ने कोलकाता को पूरी दुनिया के सामने हंसी का पात्र बना दिया है।
 
सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी भड़ास निकालते हुए अधिकारी ने इस पूरी अव्यवस्था के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा, "सॉल्ट लेक स्टेडियम में ममता बनर्जी प्रशासन की घोर विफलता ने कोलकाता को वैश्विक स्तर पर हंसी का पात्र बना दिया है। उन्होंने और उनके अक्षम मंत्रियों ने मिलकर एक सार्वजनिक समाहोर को एक निजी कार्यक्रम में बदल दिया। उनकी हरकतों ने स्टेडियम में अराजकता को जन्म दिया।"

अधिकारी ने इसे वैश्विक मंच पर भारत और कोलकाता का अपमान बताते हुए ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि माफी मांगना और चतुराई से सारा दोष किसी और पर डाल देना या किसी को बलि का बकरा बना देना टीएमसी सरकार की अक्षमता को नहीं छिपा पाएगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर इस कार्यक्रम के दौरान दिखी प्रशासनिक अक्षमता और नागरिकों के सार्वजनिक अपमान की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि यह स्टेडियम सार्वजनिक आयोजनों के लिए है। लेकिन इसे राजनीति के वीआईपी कल्चर के लिए एक निजी दरबार में बदल दिया गया। इसकी वजह से पैसे देकर और महंगे टिकट लेकर अपने पसंदीदा सितारे को देखने आए लोगों को हताशा के सिवाय कुछ नहीं मिला। जो कुछ वहां हुआ वह प्रशासनिक अक्षमता के अलावा, नागरिकों के सार्वजनिक अपमान और बेलगाम राजनीतिक विशेषाधिकार का घिनौना प्रदर्शन था और कानून के शासन पर सीधा हमला था।"

आपको बता दें कि भारत दौरे पर आए फुटबॉल आइकॉन लियोनेल मैसी का सबसे पहला कार्यक्रम कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में ही था। इस कार्यक्रम के लिए लोगों ने हजारों रुपए के टिकट खरीदे और अपने पसंदीदा फुटबॉल सितारे की एक झलक पाने के लिए खचाखच भरे स्टेडियम में पहुंचे। हालांकि, उनकी यह हसरत उस समय हताशा में बदल गई, जब मैसी केवल 15 मिनट बाद ही स्टेडियम से चले गए। इसके बाद गुस्साए प्रशंसकों ने पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। उन्होंने आयोजकों पर आरोप लगाया कि पहले बताया गया था कि कार्यक्रम लगभग 45 मिनट का होगा, लेकिन मैसी 15 मिनट में ही चले गए और जितने भी समय वह ग्राउंड पर रहे, टीएमसी नेताओं और वीआईपी लोगों के परिवारों ने ही उन्हें घेरे रखा।

 

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