लखनऊ में बनकर तैयार हुआ ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’, भाजपा के तीन दिग्गज नेताओं को समर्पित ₹232 करोड़ की परियोजना

 लखनऊ 

लखनऊ में भाजपा के तीन दिग्गज नेताओं को समर्पित 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. बसंतकुंज क्षेत्र में 65 एकड़ में विकसित यह विशाल परिसर अपनी भव्यता, आधुनिक सुविधाओं और विशेष डिजाइन के कारण चर्चा में है. परिसर को कमल के फूल की आकृति में तैयार किया गया है, जो भारतीय संस्कृति और भाजपा के प्रतीक चिन्ह दोनों का प्रतिनिधित्व करता है. 

यहां एक साथ करीब एक लाख लोगों के जुटने की क्षमता है, जबकि पूरे परिसर में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं. तीन हेलीपैड, बड़े मंच, चौड़े पाथवे और कई सुविधाओं से युक्त यह स्थल प्रधानमंत्री के किसी भी बड़े आयोजन के लिए पूरी तरह उपयुक्त माना जा रहा है.

गोमती नदी के किनारे बने इस राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण लगभग 232 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. लंबे समय से प्रतीक्षित यह स्थल अब उद्घाटन के लिए तैयार है और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर इसका लोकार्पण करेंगे.

पीएम मोदी के कार्यक्रम को मद्दे नजर रखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण तेज कर दिया है. परिसर में वीवीआईपी, वीआईपी और आम जनता की एंट्री के लिए अलग-अलग गेट बनाए गए हैं. साथ ही, ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से पहुंचने की विशेष व्यवस्था भी की गई है.

पूरे क्षेत्र में पार्किंग की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है. अंदर और बाहर 1000-1000 वाहनों की क्षमता वाली दो बड़ी पार्किंग तैयार की गई हैं. इसके अलावा, चहारदीवारी के बाहर भी एक हजार वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई है ताकि बड़े आयोजनों के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो. 

परिसर में आठ बड़े ब्लॉक, म्यूजियम ब्लॉक, कैफेटेरिया, मेडिटेशन सेंटर, एमपी थिएटर और पांच टॉयलेट ब्लॉक निर्मित किए गए हैं. यहां विभिन्न रैलियों, जनसभाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बिना यातायात की समस्या के आयोजित किया जा सकेगा, क्योंकि यह क्षेत्र शहर की भीड़भाड़ से दूर है.

प्रेरणा स्थल की सबसे बड़ी आकर्षण भाजपा के तीन प्रमुख नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 63 फीट ऊंची प्रतिमाएं हैं. यह देश में इन नेताओं की सबसे बड़ी मूर्तियां हैं. संरचना, डिजाइन और भव्यता के कारण यह स्थल लखनऊ का नया पहचान बिंदु बनने जा रहा है. 

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कार्यदायी संस्था को 20 दिसंबर तक इस स्थल को हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं. उसके बाद इसे पीएम मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम के अनुरूप सजाया-संवारा जाएगा. पीएम को निमंत्रण भेजा जा चुका है और पूरा प्रशासनिक तंत्र उद्घाटन की तैयारियों में जुट गया है.

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