संजय गांधी अस्पताल में नवजात की आग से मौत, प्रशासन ने 11 घंटे तक घटना को छिपाए रखा, अधीक्षक का विवादित बयान

रीवा

 रीवा में संजय गांधी अस्पताल में एक गंभीर घटना सामने आई है. यहां अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में आग लग गई. आग लगने के दौरान सर्जरी के बाद ऑपरेशन थिएटर में रखे एक नवजात बच्चे का शव आग की लपटों में घिर गया और बुरी तरह जल गया, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने लगभग 11 घंटे तक इस घटना को छिपाए रखा और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी.

अस्पताल के ओटी में लगी आग
दरअसल, रविवार को दोपहर करीब 1 बजे संजय गांधी अस्पताल के गायनेकोलॉजी वार्ड में आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी और दहशत फैल गई. अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में एक नवजात बच्चा बुरी तरह जल गया. सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने इस गंभीर घटना को करीब 11 घंटे तक छिपाए रखा और बच्चे का शव परिवार को नहीं सौंपा. आधी रात के आसपास जब मामला ऊंचे अधिकारियों तक पहुंचा तब अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की कि नवजात का शव जल गया था. अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था. इसी बीच OPD एरिया में भी आग लग गई, जिससे पूरे अस्पताल में दहशत फैल गई.

वहीं संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि नवजात मृत अवस्था में पैदा हुआ था। उनके अनुसार, मृत बच्चे को पॉलिथीन में रखा जा रहा था, तभी शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस घटना में नवजात का शव झुलस गया। अस्पताल प्रशासन ने किसी भी प्रकार की जनहानि से इनकार किया है।

आधी रात सच्चाई उजागर

गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का आपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई।

डिप्टी सीएम बोले- बच्चे की जानकारी नहीं दी  

इधर, डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि संजय गांधी अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं होने की जानकारी डिप्टी सीएम तक को थी। इसके बावजूद समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही ने अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को और संदिग्ध बना दिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

अस्पतालों की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। संजय गांधी अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और गांधी स्मारक अस्पताल इन तीनों के पास फिलहाल फायर एनओसी नहीं है। ये तीनों ही अस्पताल नगर निगम के फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं करते हैं। 

परिजनों के आरोप, मामला पहुंचा उच्च स्तर तक जानकारी के मुताबिक, गोविंदगढ़ के गहरा गांव की निवासी कंचन साकेत का ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और बच्चे के शव को चादर में छिपाकर ले जाया गया। जब मामला सामने आया और उच्च स्तर तक पहुंचा, तब देर रात सच्चाई उजागर हुई।

डिप्टी सीएम बोले- नवजात के शव की जानकारी नहीं दी गई मामले में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें केवल आग लगने की सूचना दी थी। नवजात के शव के जलने की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल जांच से जिम्मेदारी तय होगी या लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

निगमायुक्त बोले- हादसा हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं नगर निगम आयुक्त सौरभ सोनवड़े पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निगम की ओर से अस्पताल प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक फायर एनओसी के पैमाने पूरे नहीं किए गए। उनका कहना है कि चेतावनी दी जा चुकी है, इसलिए आगजनी की स्थिति में नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं होगी।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति